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उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से धोखाधड़ी और चोरी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सिम्भावली थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए शादी रचाई और फिर घर से नकदी व गहने समेटकर फरार हो गई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी महिला ने दो अलग-अलग नाम के फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला की असली पहचान मसूरा शेख के रूप में हुई है जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। मसूरा शेख ने अपने एक साथी लक्ष्मण के साथ मिलकर ठगी की यह पूरी योजना बनाई थी। उसने अपनी असली मुस्लिम पहचान और बंगाल का पता पूरी तरह छिपा लिया। खुद को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की निवासी सीमा बताया। अपनी इस झूठी पहचान को सच साबित करने के लिए उसने दो अलग-अलग नाम के फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड भी बनवा रखे थे।

मंदिर में की शादी

पीड़ित परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपी महिला ने धार्मिक रीति-रिवाजों का सहारा लिया। यह विवाह एक शिव मंदिर के प्रांगण में संपन्न हुआ था, जहां पुजारी द्वारा मंत्रोच्चार के बीच सीमा बनी मसूरा शेख ने वरमाला पहनाई और सबके सामने आशीर्वाद लिया। इसके बाद 14 अगस्त 2026 को वह ग्राम लिसड़ी निवासी विनोद कुमार के घर पत्नी बनकर आ गई।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

शादी के कुछ ही दिनों बाद मसूरा शेख ने अपने असली इरादे दिखाए। 18 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे जब विनोद कुमार की आंख खुली, तो उनकी पत्नी घर से नदारद थी। जांच करने पर पता चला कि वह घर में रखे 1 लाख रुपये नकद, सोने का मंगलसूत्र, चांदी के पेंडल, पाजेब, कंगन और सोने की अंगूठी लेकर भाग चुकी थी। पीड़ित की शिकायत पर सिम्भावली थाना पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) के तहत मामला दर्ज किया।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गंगा एक्सप्रेसवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी की अंगूठी, पायल और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। पुलिस फिलहाल उसके फरार साथी लक्ष्मण की तलाश कर रही है।