लद्दाख में पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. अब पैंगोंग झील, नदीनालों और वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में ऑफरोडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. पहली बार लद्दाख प्रशासन ने ऐसे लोगों पर भारी जुर्माना लगाया है, जो अपनी गाड़ियों से प्रतिबंधित इलाकों में घुसकर स्टंट कर रहे थे.

उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर वन्यजीव विभाग ने हाल ही में चार वाहनों पर 5050 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. इस तरह कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया. जिन लोगों पर कार्रवाई हुई, वे हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं.

प्रसिद्ध झील में उतारीं थी गाड़ियां

प्रशासन ने बताया कि इन लोगों ने अपनी गाड़ियां पैंगोंग झील, चांगथांग और नुब्रा घाटी के संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में अवैध तरीके से चलाई थीं. यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे वहां का नाजुक पर्यावरण और दुर्लभ वन्यजीव भी प्रभावित होते हैं. पिछले कुछ समय से लद्दाख में पर्यटक सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने और स्टंट करने के लिए अपनी गाड़ियों को झीलों, नदीनालों और घास के मैदानों में ले जा रहे थे. ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी. इसे देखते हुए प्रशासन ने अब सख्ती शुरू कर दी है.

चारों मामलों में पहले गाड़ियों को जब्त किया गया. जांच पूरी होने के बाद चालकों से जुर्माना वसूला गया और उसके बाद ही वाहन छोड़े गए. यह कार्रवाई वन्यजीव विभाग की नियमित गश्त और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर की गई. कई मामलों में लोगों ने खुद वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी पहचान कर कार्रवाई की.

इन गाड़ियों ने किया था स्टंट

23 जून 2026 को एक Mahindra Thar को पैंगोंग झील के मेराक इलाके में झील के अंदर चलाते हुए पकड़ा गया. बताया गया कि चालक वीडियो बनाने और स्टंट करने के लिए जानबूझकर गाड़ी पानी में ले गया था. इससे झील का पानी प्रदूषित हुआ और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी नुकसान पहुंचा.

21 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें Hyundai Creta को पैंगोंग झील के पास चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सेंचुरी में ऑफरोडिंग करते हुए देखा गया. उसी दिन वाहन को चांगला पास के पास पकड़ लिया गया.

इसके अलावा 20 जून को एक Mahindra Thar का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह नुब्राश्योक वन्यजीव अभयारण्य के अंदर एक नदी में गाड़ी चला रही थी. पुलिस और वन विभाग की मदद से अगले दिन वाहन को जब्त कर लिया गया.

17 जून को एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें Toyota Fortuner को नूरबू ला क्षेत्र में ऑफरोड चलाया जा रहा था. आरोप है कि चालक वहां मौजूद तिब्बती गजेल का पीछा भी कर रहा था. वन विभाग और पुलिस ने पूरी रात अभियान चलाकर अगले दिन वाहन को ढूंढ निकाला. चारों वाहन मालिकों ने 5050 हजार रुपये का जुर्माना भरने के बाद अपनी गाड़ियां वापस लीं.

लद्दाख के उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख में आने वाले सभी पर्यटकों का स्वागत है, लेकिन सभी को यहां के पर्यावरण, झीलों और वन्यजीवों का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि संरक्षित क्षेत्रों में ऑफरोडिंग करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत दंडनीय अपराध है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.