उत्तर प्रदेश में टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों के लिए भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में इस सेवा को हरी झंडी दिखाई। शुरुआती चरण में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। सेवा के तहत पंजीकृत चालकों को जीरो कमीशन मॉडल के साथ सहकारी व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। साथ ही चालकों के लिए पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान बताया गया है।

जीरो कमीशन मॉडल पर होगी सेवा
भारत टैक्सी की प्रमुख विशेषता इसका जीरो कमीशन मॉडल है। इसके तहत टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक पंजीकरण कराकर सेवा से जुड़ सकते हैं। जगत रिपोर्ट के मुताबिक, चालकों को केवल सेवा प्रदाता के तौर पर नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था में हिस्सेदार बनाने की योजना है। कार्यक्रम में पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।
चालकों को 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा
भारत टैक्सी से जुड़ने वाले चालकों को पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि सामाजिक सुरक्षा मिलने से वाहन चालक अपने काम को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य चालकों को सेवा के सहकारी मॉडल से जोड़ना और उन्हें इसमें हिस्सेदारी देना है।
चार शहरों में शुरू हुआ संचालन
उत्तर प्रदेश में पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भारत टैक्सी का संचालन शुरू हुआ है। लखनऊ में एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ सेवा के संचालन में सहयोग के लिए समझौते भी किए गए हैं।
ग्रामीण बस सेवा का भी प्रस्ताव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा विकसित करने को कहा। सरकार के अनुसार, इस तरह के मॉडल से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। इस प्रस्ताव को लेकर आगे की योजना परिवहन विभाग को तैयार करनी है।
सहकारी मॉडल में चालक होंगे हिस्सेदार
केंद्र सरकार के अनुसार भारत टैक्सी का मॉडल ‘Driver is the Owner’ की अवधारणा पर आधारित है। इसमें चालक सहकारी संस्था के सदस्य और हिस्सेदार बनते हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ड्राइवरों की कमाई में पारदर्शिता और सहकारी भागीदारी को बढ़ाना है।
कई संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
भारत टैक्सी के यूपी लॉन्च कार्यक्रम में एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस के साथ एमओयू का भी आदानप्रदान हुआ। इससे सेवा को परिवहन और सार्वजनिक संस्थानों के साथ जोड़ने की व्यवस्था बनाई गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के वाहनों को रवाना किया।
रोजगार विस्तार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी को केवल यात्री परिवहन सेवा तक सीमित न रखते हुए रोजगार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने इसे आगे बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक समान मॉडल पहुंचाने पर जोर दिया। भारत टैक्सी के यूपी विस्तार के साथ अब चार शहरों में चालकों और यात्रियों के लिए सहकारी मॉडल आधारित परिवहन सेवा उपलब्ध होगी।



