उत्तर प्रदेश में 3,567 नव चयनित शिक्षकों और संस्था प्रधानों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या लेनदेन को लेकर सख्त चेतावनी दी। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी चयनित अभ्यर्थी को जॉइनिंग में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि नियुक्ति के बाद किसी से पैसे या लेनदेन की मांग की जाती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

3567 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता यानी पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक यानी टीजीटी शामिल हैं। ये नियुक्तियां अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए की गई हैं।

जॉइनिंग में परेशानी पर अधिकारियों को निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी चयनित अभ्यर्थियों की कार्यभार ग्रहण प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी स्तर पर कोई समस्या आती है तो उसका नियमानुसार समाधान किया जाए। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति के बाद किसी भी प्रकार के लेनदेन की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का संदेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर चयन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपने संबोधन में भर्ती से जुड़े पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अब चयनित अभ्यर्थियों के अधिकारों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता रोकने के लिए संस्थागत स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं।

एक अभ्यर्थी के पुराने अनुभव का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने एक नवनियुक्त अभ्यर्थी के पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, संबंधित युवक ने पहले भी इसी पद के लिए आवेदन किया था और उस दौरान उससे कथित तौर पर पैसे की मांग की गई थी। बाद में भर्ती प्रक्रिया निरस्त हुई और नई प्रक्रिया के माध्यम से उसे नियुक्ति मिली। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण का इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के महत्व को बताने के लिए किया। यह विवरण मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्य पर आधारित है।

शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कैशलेस चिकित्सा सुविधा का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के अनुसार, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ बेसिक शिक्षा से जुड़े कुछ कर्मियों को भी इस सुविधा से जोड़ने की जानकारी दी गई।

छह महीने में एक लाख और सरकारी नौकरियों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रोजगार से जुड़े सरकार के आंकड़ों और भविष्य के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य बताया। यह आंकड़े और लक्ष्य मुख्यमंत्री के बयान के रूप में रिपोर्ट किए गए हैं।

शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और चरित्र निर्माण में भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनियों, देशदुनिया की घटनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने में भी भूमिका निभा सकते हैं।

इस नियुक्ति कार्यक्रम के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री की चेतावनी और 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण, दोनों प्रमुख बिंदु रहे। अब चयनित शिक्षकों और संस्था प्रधानों की संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।