भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच पिछली साल हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है. यह समझौता खासतौर पर लग्जरी और प्रीमियम कार खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. इस समझौते के तहत ब्रिटेन में बनी कारों पर लगने वाली इम्पोर्ट ड्यूटी को सिलसिलेवार तरीके से कम किया जाएगा.

फिलहाल कई ब्रिटिश लग्जरी कारों पर भारत में 110 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है, लेकिन अगले 5 सालों में इसे घटाकर केवल 10 प्रतिशत तक किया जाएगा. इससे भविष्य में कई प्रीमियम लग्जरी कारों की कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिल सकती है.
15 जुलाई से शुरू होगी ड्यूटी में कटौती
नई व्यवस्था के तहत इंजन क्षमता और ईंधन के आधार पर अलगअलग कैटेगरी में ड्यूटी कम की जाएगी. पहले साल में 3000cc से ज्यादा पेट्रोल इंजन वाली कारों और 2500cc से ज्यादा कैपेसिटी वाली डीजल इंजन कारों पर लगने वाली 110 प्रतिशत ड्यूटी घटाकर 30 प्रतिशत कर दी जाएगी. हालांकि कारों पर यह फायदा सीमित संख्या में आयात होने वाली कारों पर ही मिलेगा. इस कैटेगरी में हर साल ज्यादा से ज्यादा 10,000 कारों को इम्पोर्ट ड्यूटी में रियायत मिलेगी.
मिडसाइज कारों को भी मिलेगा फायदा
1500cc से 3000cc तक के पेट्रोल इंजन वाली कारों और 2500cc तक के डीजल इंजन वाले वाहनों पर ड्यूटी 66 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी जाएगी. इसी तरह 1500cc तक के पेट्रोल इंजन वाली कारें भी 50 प्रतिशत वाली कैटेगरी में आ जाएंगी. इन कैटेगरी में भी लिमिडेट कोटा रखा गया है ताकि सीमित संख्या में वाहन कम शुल्क पर आयात किए जा सकें.
5 साल में ड्यूटी घटकर होगी सिर्फ 10%
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगले 5 वर्षों में सभी पेट्रोल और डीजल कारों पर आयात शुल्क घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा. साथ ही हर साल आयात होने वाली कारों का कोटा भी बढ़ाया जाएगा. पांच साल बाद यह संख्या बढ़कर 37,000 वाहनों तक पहुंच जाएगी. इससे भारत में ब्रिटेन में बनी कारों की उपलब्धता भी बढ़ेगी और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे.
जैगुआर लैंड रोवर ने पहले ही घटाई कीमतें
समझौता लागू होने से पहले ही कुछ कंपनियों ने कीमतों में बदलाव शुरू कर दिया है. जैगुआर लैंड रोवर ने अपनी कुछ इम्पोर्टेड लग्जरी कारों की कीमतें कम कर दी हैं. इनमें Range Rover SV और Range Rover Sport SV जैसे मॉडल शामिल हैं. हालांकि Defender और Discovery जैसी SUVs को फिलहाल इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि इनका निर्माण ब्रिटेन के बजाय स्लोवाकिया में होता है..
इन लग्जरी ब्रांड्स को मिल सकता है फायदा
इस समझौते से कई प्रसिद्ध ब्रिटिश लग्जरी कार कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनमें Bentley, McLaren, RollsRoyce और Aston Martin जैसी कंपनियां शामिल हैं. हालांकि इन कंपनियों ने अब तक नई कीमतों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सालों में इस समझौते से भारत में लग्जरी कार बाजार को बड़ा फायदा मिलेगा. लग्जरी कारों की कीमतें कम हो सकती हैं. ग्राहकों को ज्यादा मॉडल्स उपलब्ध होंगे. ब्रिटिश ब्रांड्स की बिक्री बढ़ सकती है. भारतयूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट केवल कार खरीदारों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अगले कुछ वर्षों में इसका असर लग्जरी कारों की कीमतों, बिक्री और बाजार हिस्सेदारी पर साफ दिखाई दे सकता है.
इलेक्ट्रिक कारों को अभी नहीं मिलेगा लाभ
ध्यान देने वाली बात ये है कि जो लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए फिलहाल कोई राहत नहीं है. इस समझौते के तहत पहले 5 सालों तक इलेक्ट्रिक वाहन , हाइब्रिड वाहन और हाइड्रोजन वाहनों को ड्यूटी में कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी. हालांकि छठे वर्ष से 40,000 पाउंड से ज्यादा कीमत वाले कुछ वैकल्पिक ईंधन वाहनों को सीमित कोटा के तहत ड्यूटी में राहत मिल सकती है.



