भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी बीच इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी Ampere ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने भारत में 4 लाख इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कुल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है.

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण लोग सस्ते और किफायती यात्रा विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. इलेक्ट्रिक स्कूटर कम खर्च में चलने वाले वाहन माने जाते हैं, इसलिए इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.

Ampere, Greaves Electric Mobility का इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड है. कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 202526 में उसकी बिक्री में सालदरसाल 51 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई. इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले साल यह 3.6 प्रतिशत थी.

लोस्पीड ईस्कूटर बने गेमचेंजर

कंपनी ने बताया कि 4 लाख बिक्री के इस आंकड़े में हाईस्पीड और लोस्पीड दोनों प्रकार के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं. आमतौर पर लोस्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों का डेटा सरकारी VAHAN पोर्टल के आंकड़ों में पूरी तरह शामिल नहीं होता, लेकिन कंपनी की कुल बिक्री में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

किफायती स्कूटरों पर फोकस

Ampere के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि ग्राहकों के बढ़ते भरोसे और कंपनी के क्वालिटी प्रोडक्ट की नतीजा है. उन्होंने कहा कि 4 लाख बिक्री का आंकड़ा पार करना इस बात को दिखाता है कि लोग अब प्रैक्टिकल, भरोसेमंद और किफायती इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी विशेष रूप से 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों पर ध्यान दे रही है, ताकि आम लोगों को भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का लाभ मिल सके.

डेली यूज से लिए EV खरीद रहे लोग

विकास सिंह ने यह भी कहा कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतें लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित कर रही हैं. अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता रोजाना ऑफिस, कॉलेज और अन्य कामों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने पर विचार कर रहे हैं. Ampere के स्कूटरों में लिथियमआयरन फॉस्फेट बैटरी तकनीक का उपयोग किया जाता है. यह तकनीक सामान्य बैटरियों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है. इसमें गर्म होने का खतरा कम होता है और इसकी लाइफ भी ज्यादा होती है. यही कारण है कि कई ग्राहक LFP बैटरी वाले स्कूटरों को प्राथमिकता दे रहे हैं.