कोलेस्ट्रॉल एक ऐसा साइलेंट रिस्क फ़ैक्टर है, जो कंट्रोल न किए जाने पर दिल की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। हालांकि कई लोग डाइट और एक्सरसाइज़ पर ध्यान देते हैं, लेकिन सुबह की ऐसी कई आदतें हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर असर डालती हैं।

सुबह नाश्ता न करना, ज़्यादा फ़ैट वाला खाना खाना या दिन की शुरुआत में ही तनाव महसूस करने जैसी साधारण आदतें ‘बैड’ कोलेस्ट्रॉल यानी लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) को बढ़ा सकती हैं और पूरे मेटाबॉलिज़्म को बिगाड़ सकती हैं। लंबे समय तक दिल की सेहत बनाए रखने के लिए यह समझना जरूरी है कि सुबह की कौन सी आदतें कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में योगदान देती हैं।

इन 6 आदतों से बढ़ सकता है खतरा

  • नाश्ता न करना

नाश्ता न करने का सीधा संबंध LDL कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से है। स्टडीज़ से पता चला है कि जो लोग सुबह का नाश्ता स्किप करते है, उनमें रेगुलर नाश्ता करने वालों की तुलना में टोटल कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल अधिक होता है। एक स्टडी में पाया गया कि सुबह में नाश्ता न करने वालों का टोटल कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ गया, जबकि संतुलित नाश्ता करने वालों का लिपिड प्रोफ़ाइल बेहतर बना रहा।

  • अधिक वसा युक्त खाना

प्रोसेस्ड मीट, पेस्ट्री और नाश्ते में तली-भुनी चीज़ें खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है, क्योंकि सैचुरेटेड फैट और ट्रांस-फैट शरीर में LDL कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ाने में सीधे तौर पर असर डालते हैं। रिसर्च से पता चला है कि नाश्ते में खाई जाने वाली ऐसी चीजें जिनमें अनहेल्दी फैट ज़्यादा होते हैं, उनका संबंध कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ाने और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ने से होता है।

  • मॉर्निंग स्ट्रेस

तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर सुबह के समय नॉर्मल से बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। जल्दबाजी या दबाव में दिन की शुरुआत करने से कोर्टिसोल का स्तर और भी बढ़ सकता है, जिससे लिपिड चयापचय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्ययनों से पता चलता है कि लगातार सुबह का तनाव एलडीएल के उच्च स्तर और इंफ्लेमेशन में वृद्धि का कारण बन सकता है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

सुबह के समय शारीरिक गतिविधि न करने से शरीर की कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने की क्षमता सीमित हो जाती है। व्यायाम जैसे चलना या स्ट्रेचिंग भी हेल्दी लिपिड में सहायक हो सकता है और एचडीएल के स्तर में सुधार करती है। शोध से पता चलता है कि सुबह का व्यायाम रात में कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को कम कर सकता है और संतुलित लिपिड प्रोफाइल बनाए रखने में मदद कर सकता है।

मॉर्निंग एक्टिविटी (फोटो.सोशल मीडिया)

  • स्लीप क्वालिटी

नींद का कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अनियमित नींद का समय या अपर्याप्त नींद सर्कैडियन रिदम को बाधित करता है, जो लिवर में कोलेस्ट्रॉल उत्पादन को नियंत्रित करती है। अध्ययन से पता चलता है कि नींद की खराब गुणवत्ता उच्च एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और निम्न एचडीएल स्तर से जुड़ी होती है। जिससे LDL का उत्पादन बढ़ सकता है और HDL का स्तर कम हो सकता है।

  • डिहाइड्रेशन

दिन की शुरुआत में पानी जरूर पीना चाहिए। सुबह उठते ही डिहाइड्रेशन होने से ब्लड सर्कुलेशन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे शरीर की फैट को हटाने की क्षमता प्रभावित होती है। हाइड्रेशन से मेटाबॉलिज्म और लिपिड रेगुलेशन ठीक रहता है।