नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर टैक्स को लेकर एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार ने आज पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 2.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है यानी 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जो 3 अगस्त 2026 यानी आज से ही प्रभावी हो गई है।

इसके अलावा, केंद्र ने डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 15.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, डीजल के एक्सपोर्ट पर ₹25.5 प्रति लीटर जो कि 8.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी है।

सरकार ने कहा कि एयर टर्बाइन फ्यूल , जिसे जेट फ्यूल के नाम से भी जाना जाता है, के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 14.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो कि 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी है और यह भी आज से प्रभावी है।

सरकार ने क्यों पेट्रोलडीजल पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स

यह नया बदलाव तब हुआ है जब सोमवार को ग्लोबल ऑयल की कीमतों में गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ नई बातचीत की तैयारी के संकेत दिए जिसके चलते यह गिरावट देखने को मिली। हालांकि तेहरान ने बातचीत होने की बात से इनकार किया, फिर भी ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। इससे पता चलता है कि मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं भारत की एनर्जी पॉलिसी पर कैसे असर डालती रहती हैं।

सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संकट के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी न होने देने के लिए 27 मार्च, 2026 से तेल निर्यात पर यह लेवी लगाई है। इसका मुख्य मकसद तेल कंपनियों को विदेश में तेल बेचने से रोकना और घरेलू बाज़ार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर इन दरों की हर 15 दिन में समीक्षा की जाती है।

आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
सरकार का नया आदेश देश के अंदर बिकने वाले तेल पर नहीं, बल्कि एक्सपोर्ट के लिए जाने वाले तेल पर लागू होता है। इसका आम जनता पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने साफ़ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।