रसोई गैस सिलेंडर बदलना अब तक एक झंझट भरा काम रहा है, भारी स्टील का सिलेंडर उठाना, जंग लगे सिलेंडर से जूझना और यह अंदाजा न लगा पाना कि गैस कब खत्म होगी. अलग आपके मकान में लिफ्ट नहीं है और आप 23 फ्लोर ऊपर रहते हैं तो दिक्कत और बढ़ जाती है. मगर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी अब इस समस्या का हल निकालते हुए एक नया प्रीमियम प्रोडक्ट लॉन्च किया है, जिसका नाम Bharatgas Lite ZIP रखा गया है. मुंबई से इसकी शुरुआत हुई और अब कंपनी की योजना 15 अगस्त तक इसे 24 राज्यों के 100 और शहरों तक पहुंचाने की है. आइए इससे जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब आसान भाषा में समझते हैं.

सवाल Bharatgas Lite ZIP क्या है?

जवाब यह BPCL की एक नई प्रीमियम LPG सर्विस है, जिसे कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने लॉन्च किया. इसकी खासियत है कि इसमें ‘इंस्टेंट न्यू कनेक्शन’ और ‘एक्सप्रेस डिलीवरी’ दोनों सुविधाएं एक साथ मिलती हैं. यानी नया कनेक्शन लेने में देरी नहीं होगी और सिलेंडर भी तेज़ी से घर तक पहुंचेगा. यह पूरी सर्विस BPCL के पहले से मौजूद हल्के कंपोजिट सिलेंडर ‘Bharatgas Lite’ पर आधारित है, जिसके ऊपर अब यह तेजतर्रार डिलीवरी मॉडल जोड़ा गया है.

सवाल आम ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

जवाब सबसे बड़ा फायदा है समय की बचत. कनेक्शन लेने की पूरी प्रक्रिया अब लगभग तुरंत हो सकेगी, जिससे बारबार दफ्तर या डीलर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इसके अलावा 100% डिजिटल बुकिंग और OTP आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश कम होगी और पूरा सिस्टम पारदर्शी बनेगा.

सवाल क्या गैस ज्यादा चलेगी?

जवाब नहीं, यहां गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. इस सिलेंडर में गैस की मात्रा या उसकी खपत में कोई बदलाव नहीं है. फायदा केवल सिलेंडर के वजन, हैंडलिंग और सर्विस स्पीड को लेकर है, गैस की क्वांटिटी या उसके चलने की अवधि पहले जैसी ही रहेगी.

सवाल कीमत कितनी होगी?

जवाब नए ग्राहक 2,500 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट देकर सीधे Bharatgas Lite कनेक्शन ले सकते हैं, वहीं जिन ग्राहकों के पास पहले से पुराना स्टील सिलेंडर है, वे 300 रुपये का अतिरिक्त डिपॉजिट देकर उसे कंपोजिट सिलेंडर से बदलवा सकते हैं. यानी मौजूदा ग्राहकों के लिए स्विच करना बेहद सस्ता है. बाकी रिफिल की कीमत सामान्य LPG दरों के हिसाब से ही रहेगी, इसमें कोई अलग चार्ज नहीं जुड़ा है.

सवाल किन शहरों में मिलेगा?

जवाब अभी यह सर्विस केवल मुंबई में शुरू हुई है. कंपनी की योजना इसे 15 अगस्त तक 24 राज्यों के 100 शहरों तक विस्तार देने की है, इसके बाद बाकी बड़े शहरों में भी इसे धीरेधीरे रोल आउट किया जाएगा. यानी अगर आपका शहर अभी लिस्ट में नहीं है, तो कुछ ही हफ्तों में यह सुविधा वहां भी पहुंच सकती है.

सवाल किसके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?

जवाब यह सर्विस खासतौर पर वर्किंग प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और बारबार शहर बदलने वाले लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. यानी वो लोग जिन्हें जल्दीजल्दी नया कनेक्शन लेना पड़ता है और भारी सामान बारबार शिफ्ट करना मुश्किल होता है. इसके अलावा बुजुर्ग, अकेले रहने वाले लोग और महिलाएं भी इससे राहत महसूस करेंगी, क्योंकि हल्का सिलेंडर उठानारखना आसान हो जाता है.

सवाल क्या पुराने स्टील सिलेंडर बंद हो जाएंगे?

जबाव फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है. स्टील सिलेंडर की सप्लाई जारी रहेगी और स्विच करना पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर है. जो लोग स्टील सिलेंडर से संतुष्ट हैं, वे उसे इस्तेमाल करते रह सकते हैं. नया विकल्प सिर्फ उनके लिए है जो बदलाव चाहते हैं.

सवाल क्या इंडेन और एचपी भी हल्का सिलेंडर लाएंगी?
जवाब यह कोई नई बात नहीं है. इंडेन पहले से ही हल्के कंपोजिट सिलेंडर बेच रहा है, जिसमें 5 किलो के लिए 2,200 रुपये और 10 किलो के लिए 3,500 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट ली जाती है. यानी BPCL अकेली कंपनी नहीं है जो इस दिशा में काम कर रही है, बल्कि पूरा LPG सेक्टर धीरेधीरे कंपोजिट सिलेंडर की तरफ बढ़ रहा है.

सवाल लोहे से ज्यादा मजबूत है या कमजोर?

जवाब मजबूती के मामले में यह किसी भी तरह पीछे नहीं है. कंपोजिट सिलेंडर फाइबरग्लास और रेजिन की परतों से बनाया जाता है, जिससे इसकी बर्स्ट प्रेशर क्षमता स्टील सिलेंडर के मुकाबले लगभग दोगुनी होती है. साथ ही इसमें जंग लगने, वेल्डिंग जोड़ या सीम कमजोर पड़ने जैसी दिक्कतें भी नहीं आतीं, जो स्टील सिलेंडर में समय के साथ आम समस्या बन जाती हैं.

सवाल आग लगने पर जल्दी तो नहीं फट जाएगा?

जवाब यह सबसे बड़ी चिंता का विषय है, लेकिन डिजाइन के लिहाज से यह उल्टा फायदेमंद साबित होता है. स्टील सिलेंडर में आग लगने पर अंदर दबाव अचानक बढ़ता है और धातु कमजोर होकर फट सकती है. वहीं कंपोजिट सिलेंडर की बाहरी परत आग में धीरेधीरे पिघलती है और गैस माइक्रोचैनलों के जरिए धीरेधीरे बाहर निकलती है, जिससे अचानक धमाके जैसी स्थिति नहीं बनती. यानी डिजाइन ही इस तरह किया गया है कि यह अचानक फटने के बजाय नियंत्रित तरीके से गैस छोड़े, जो सुरक्षा के लिहाज से पारंपरिक सिलेंडर से बेहतर माना जाता है.