दिल्ली के जंतरमंतर पर छात्रों का नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर चल रहा आंदोलन तेजी से अन्य इलाकों में भी बढ़ता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्रों की मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। अब इस आंदोलन में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी समेत तमाम दल भी शामिल हो गए हैं। आप नेता अरविंद केजरीवाल, शरद पवार, चंद्रशेखर आजाद आदि ने अभिजीत दीपके से मुलाकात करके आंदोलन को समर्थन दिया है, जबकि कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से नीट पेपर लीक पर सरकार के हमलावर हैं। प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को किए गए विरोध प्रदर्शन पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं। हालांकि, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने उस प्रदर्शन पर सवाल उठाया है। ऐसे में अब विभिन्न दलों के इस आंदोलन में जुड़ने से सवाल उठने लगा है कि क्या अब क्रेडिट वॉर शुरू हो गया है? क्या सभी दल खुद क्रेडिट लेना चाहते हैं?

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि अंगमो ने कहा कि हमारे लिए कोई विपक्ष नहीं है और कोई सरकार नहीं है। संसद सबसे बड़ी संस्था है, जिसका हम सम्मान करते हैं और हम चाहते हैं कि वह शिक्षा पर ध्यान दे। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अराजनैतिक बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि इस मकसद को सपोर्ट करने के लिए सभी का स्वागत है, लेकिन यह दिल की पवित्रता के साथ किया जाना चाहिए। जो कोई भी अपने एजेंडे के साथ आया है, वह किनारे हो जाएगा। हम हर पॉलिटिकल पार्टी और हर अच्छे इरादे वाले व्यक्ति के साथ हैं, जो भारत को अगले लेवल पर ले जाना चाहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह जंतरमंतर पर हाथ मिलाकर किया जाता तो यह ज्यादा ईमानदारी वाला होता। जनता को अब और बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। यह एक जागरूक भारत है। जो लोग झूठे हैं, उन्हें युवा पीढ़ी बाहर निकाल देगी। राजनीतिक नेताओं को अपनी बात पर चलना होगा, वे अब गैसलाइट नहीं कर सकते।

राहुल गांधी के प्रदर्शन पर भड़की आम आदमी पार्टी
जिस समय राहुल गांधी और अन्य सांसद पीएम आवास के बाहर धरना दे रहे थे, उस समय आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर काफी नाराजगी जताई। आप सांसद संजय सिंह समेत तमाम नेताओं ने राहुल गांधी पर सवाल खड़े किए। संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, ”देश के करोड़ों युवाओं के लिए सोनम वांगचुक जी पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जंतरमंतर पर देश का युवा आंदोलन कर रहा है। 20 जुलाई को युवाओं को बर्बरतापूर्वक पीटा गया। कांग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब राहुल गांधी जी कह रहे है जंतरमंतर नहीं हमारे धरने में शामिल हो। आखिर, युवाओं के आंदोलन को क्यों कमजोर करना चाहती है कांग्रेस? जंतरमंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?” एक अन्य पोस्ट में सिंह ने लिखा, ”सीजेपी के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया।”

समाजवादी पार्टी भी सीजेपी के साथ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव भी कॉकरोच जनता पार्टी के इस छात्र आंदोलन को खुलकर सपोर्ट कर रहे हैं। डिंपल यादव कई बार छात्रों के बीच पहुंचकर उनका समर्थन कर चुकी हैं। इसके अलावा, सपा के अन्य सांसद भी जंतरमंतर पहुंचते रहे। हालांकि, इस बीच कांग्रेस और अखिलेश के बीच तब संसद में कन्फ्यूजन देखने को मिली, जब उन्होंने कांग्रेस और भाजपा के बीच डील होने का आरोप लगा दिया। जब अखिलेश को बोलने का मौका नहीं मिला और केसी वेणुगोपाल ने अपनी बात संसद में रख दी तो इस पर अखिलेश भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस, सपा, बीजेपी का नहीं है। यह युवाओं और छात्रों का मुद्दा है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। आपने इनको बुलवा दिया, उनको बुलवा दिया। समझौता कर लिया आपने क्या। आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया। हालांकि, इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने कुछ देर बाद संसद परिसर में सफाई भी दी और कहा कि अब कांग्रेस से तालमेल ठीक हो गया है। कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी आदि के नेता लगातार छात्रों के आंदोलन को सपोर्ट करते हुए एकदूसरे पर भी सवाल उठा रहे हैं। इससे साफ लग रहा है कि तमाम दलों के बीच छात्र आंदोलन का क्रेडिट लेने के लिए एक वॉर चल रहा है।