गोरखपुर: गुलरिहा के जंगल अयोध्या प्रसाद नौका टोला में हुई ब्रह्मदेव कन्नौजिया की हत्या ने परिवार के साथ गांववालों को भी गम में डुबो दिया है। परिवार वालों के अनुसार, आरोपी युवक का प्रेम प्रसंग टूटने और मां की मौत के बाद व्यवहार बदल गया था। गांव के लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि जिस बेटे को पिता ने पालपोसकर बड़ा किया, उसी ने जान ले ली। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। हर किसी की जुबान पर यही चर्चा रही कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई।

परिजन के अनुसार, आरोपी गोलू कन्नौजिया पिछले सातआठ वर्षों से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था। उसका इलाज भी चल रहा था। परिवार के लोग बताते हैं कि कुछ साल पहले तक उसका व्यवहार सामान्य था, लेकिन प्रेम प्रसंग टूटने के बाद वह भीतर ही भीतर टूट गया। गांव की एक युवती से उसका लगाव था। युवती की शादी दूसरे स्थान पर हो जाने के बाद वह अवसाद और तनाव में रहने लगा।

ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद उसके स्वभाव में लगातार बदलाव आने लगा। उसने लोगों से मेलजोल कम कर दिया था। कई बार वह बिना किसी कारण नाराज हो जाता, तो कभी घंटों अकेले बैठा रहता। परिवार ने उसका उपचार कराया लेकिन उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।

छह माह पहले हुई थी मां की मौत
करीब छह माह पहले मां की मौत ने गोलू को एक और गहरा आघात दिया। परिजन के मुताबिक, मां के निधन के बाद वह पहले से अधिक गुमसुम रहने लगा था। अक्सर घर के एक कोने में चुपचाप बैठा रहता और किसी से बातचीत नहीं करता था। परिवार के लोग उसकी स्थिति को लेकर चिंतित थे लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि हालात इतने भयावह मोड़ ले लेंगे। उधर, रोजीरोटी के सिलसिले में बाहर गए बेटों को हत्या की जानकारी मिली तो वह गांव के लिए रवाना हो गए।

आरोपी ने दरवाजा बाहर से किया बंद, भाभी छत से लगाती रही गुहार
ग्रामीणों के मुताबिक, वारदात के बाद गोलू घर की छत पर चढ़ गया और शोर मचाते हुए लोगों से कहने लगा कि उसने अपने पिता की हत्या कर दी है। वह यह भी कह रहा था कि उसके पिता उसकी शादी कराने में बाधा बन रहे थे। वहीं वारदात के दौरान आरोपी ने बाहर से घर का दरवाजा बंद कर दिया। इससे घर में मौजूद उसकी भाभी बाहर नहीं आ सकीं। वह छत पर चढ़कर उसे वारदात से मना करने की गुहार लगाती रहीं लेकिन युवक नहीं माना।

गांव की एक युवती से था प्रेम प्रसंग
ग्रामीणों के अनुसार, गोलू तीन भाइयों में मझला है। उसका गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। कुछ समय पहले युवती की शादी अन्यत्र हो जाने के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उसका व्यवहार भी असामान्य हो गया था।

अंतिम संस्कार के दौरान लोगों की नम हो गईं आंखें
बृहस्पतिवार को मृतक के चार वर्षीय पोते कार्तिक ने अपने बाबा की चिता को मुखाग्नि दी। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जिस उम्र में बच्चे खेलकूद और मासूम शरारतों में खोए रहते हैं, उस उम्र में कार्तिक ने अपने बाबा को अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि घटना ने पूरे गांववालों को भी भीतर तक झकझोर दिया है। परिवार की महिलाओं का रोरोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्ग इसे परिवार पर टूटा सबसे बड़ा संकट बता रहे हैं।

यह है मामला
घर के बाहर चारपाई पर सो रहे पिता को कुल्हाड़ी से वार कर मार डाला
गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद नौका टोला में बुधवार देर रात पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। युवक ने घर के बाहर चारपाई पर सो रहे पिता ब्रह्मदेव कन्नौजिया पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। सिर और गर्दन पर कई वार किए जाने से ब्रह्मदेव की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी मझले बेटे गोलू को कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जंगल अयोध्या प्रसाद नौका टोला निवासी ब्रह्मदेव कन्नौजिया बुधवार रात भोजन के बाद घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। रात करीब सवा दो बजे उनके मझले बेटे गोलू कन्नौजिया का किसी बात को लेकर उनसे विवाद होने लगा। आरोप है कि गोलू के हाथ में कुल्हाड़ी थी और देखते ही देखते उसने पिता पर हमला कर दिया।