श्रावण मास शुरु होने में अब ज्यादा दिन नहीं बचें है। सावन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित है। इस महीने का इंतजार शिव भक्तों को काफी लंबे समय तक रहता है। सावन के समय देशभर के हर एक शिवालय में पूजाअर्चना, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और भजनकीर्तन का आयोजन किया जाता है। 
सावन के महीने में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा निकालकर पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। माना जाता है कि सावन का माह में मन से की गई शिव उपासना से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मानोकामनाएं पूर्ण होती है। इस महीने में कई श्रद्धालु सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत भी करते हैं। 
धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रावण मास में अगर कोई भी भक्तजन सच्चे मन से सोलह सोमवार व्रत का संकल्प लेता है, तो उस व्यक्ति के जीवन में सुखसमृद्धि, वैवाहिक सौभाग्य, आर्थिक उन्नति और मानसिक शांति का आगमन होता है। शायद ही लोग जानते होगे कि इस व्रत को शुरु करने से पहले कुछ जरुरी नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि सोलह सोमवार व्रत से संबंधित 3 बड़े नियम क्या है।
कब से शुरु होंगे सावन?
इस साल सावन माह 30 जुलाई 2026 से आरंभ होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा।
सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026
सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026
सावन का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026
सावन का चौथा सोमवार 24 अगस्त 2026
कैसे व्रत का संकल्प लिया जाता है
सोलह सोमवार व्रत शुरु करने से पहले भगवान शिव का ध्यान करके पूरे श्रद्धाभाव और निष्ठा के साथ व्रत का संकल्प लें। एक बार संकल्प ले लिया है, तो आप बिना किसी कारण के व्रत को बीच में बिल्कुल न छोड़ें।
हर सोमवार विधिविधान से करें पूजा
अगर आप इस बार सोलह सोमवार के व्रत रखने जा रहे हैं, तो आप प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री शिवलिंग पर अर्पित करें। फिर आप सोलह सोमवार व्रत कथा को पढ़ें या सुनें। शिव चालीसा का पाठ करें, शिव आरती और शिव मंत्रों का जाप करें।
व्रत का उद्यापन करना न भूलें
जब आपके सभी सोलह सोमवार व्रत पूर्ण हो जाए, तो आप 17वें सोमवार को विधिविधान से व्रत का उद्यापन करना होगा। भगवान शिव की विशेषतौर पर पूजा करने के साथ ही प्रसाद का वितरण करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार दानपुण्य जरुर करें।