Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी की मुठभेड़ के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, कुख्यात अपराधी विपुल उर्फ खुनी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. उसकी मौत को पुलिस गैंग के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है.

पुलिस के अनुसार, थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के सैडभर जंगल में मेरठ एसटीएफ और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम ने बदमाश की घेराबंदी की. खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में विपुल गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस ने उसे तत्काल सीएचसी पिलाना पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल बागपत और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो अवैध 32 बोर पिस्टल, भारी मात्रा में खोखा कारतूस और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है. यह कार्रवाई बागपत पुलिस अधीक्षक सूरज राय के निर्देशन में मेरठ एसटीएफ फील्ड यूनिट और थाना सिंघावली अहीर पुलिस की संयुक्त टीम ने की.

हत्यालूट समेत 38 मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विपुल उर्फ खुनी कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था. उसका आपराधिक इतिहास वर्ष 2005 से 2026 तक फैला हुआ था. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। उसके खिलाफ शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नई दिल्ली और शाहदरा समेत कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे.

पुलिस ने घोषित किया था ईनाम

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2014 में ग्राम भभीसा निवासी पवन की हत्या के मामले में भी वह आरोपी था. इस प्रकरण में जमानत मिलने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था और अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ वारंट जारी हुए और 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया. इसके अलावा वर्ष 2014 में एलम गांव की चर्चित महिला हत्या और वर्ष 2017 में सहारनपुर के मानपुर की महिला प्रधान हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था.

पुलिस का कहना है कि इस मुठभेड़ से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों और गैंगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है. मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.