देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर नोएडा, लोगों को सांस लेने में हो रही दिक्कत, जानें कितना है AQI!


Noida Air Quality today: दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ते ही वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण मंगलवार से लागू कर दिया है. इसके तहत अब दिल्ली और आसपास के शहरों में कई सख्त पाबंदियां लागू होंगी.

ग्रैप-3 लागू होने के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में सभी गैर-जरूरी निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर रोक रहेगी. बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इसके साथ ही नागरिकों को सुबह के समय खुले में टहलने या एक्सरसाइज करने से परहेज करने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है.

मंगलवार को दिल्ली के बाद नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया. यहां का एक्यूआई 425 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. सुबह 10 बजे जहां AQI 415 था, वहीं दोपहर दो बजे यह बढ़कर 424 हो गया.

सेक्टर 125 – 416
सेक्टर 116 – 429
सेक्टर 1 – 416 (सबसे प्रदूषित क्षेत्र)

शाम होते-होते नोएडा का AQI 426 तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन की शिकायतें हुईं.

ग्रेटर नोएडा में भी गंभीर स्थिति
ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई भी 406 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए नियमों का पालन यहां कमजोर दिखा. न तो सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग हुआ और न ही पुराने डीजल वाहनों के खिलाफ कोई विशेष कार्रवाई देखी गई.

गौतमबुद्ध नगर में अब तक की सबसे प्रदूषित हवा
इस साल पहली बार गौतमबुद्ध नगर जिले में एक्यूआई 425 के पार गया. यह आंकड़ा साफ बताता है कि जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है. हालांकि, जगह-जगह ग्रैप-3 के नियमों की अनदेखी होती दिखाई दी.

ग्रैप-3 के तहत लागू प्रमुख पाबंदियां
सभी गैर-जरूरी निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर प्रतिबंध, पुराने बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों की आवाजाही पर रोक, सीमेंट, रेत और अन्य निर्माण सामग्री की ढुलाई पर रोक, अंतरराज्यीय डीजल बसों के संचालन पर प्रतिबंध, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर पाबंदी, डीजल जनरेटरों का उपयोग केवल आपात सेवाओं में ही अनुमति

Leave a Reply