भूकंप के झटके मंगलवार सुबह 4 बजे के आसपास लगे हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने बताया कि असम के नगांव में आए भूकंप का केंद्र जमीन से 33 किलोमीटर की गहराई पर था।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
भूकंप के झटकेImage Source : ANI

असम के नगांव जिले में मंगलवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। NCS के अनुसार, मंगलवार भूकंप सुबह 4 बजकर 23 मिनट 47 सेकंड पर आया। इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब 33 किलोमीटर की गहराई में था।

किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं

भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कुछ इलाकों में लोगों में दहशत की स्थिति बन गई। हालांकि, अभी तक भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

शनिवार को भी दर्ज किए गए भूकंप के झटके

वहीं, इसके पहले पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम को 4.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने यह जानकारी दी। भूकंप का केंद्र भूटान के ग्याल्पोझिंग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पृथ्वी की सतह से पांच किलोमीटर की गहराई में था। 

किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं

इस क्षेत्र में गुवाहाटी सहित अन्य स्थानों पर भी झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप शाम 4 बजकर 1 मिनट पर आया। फिलहाल इससे किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।

भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में है भूकंप

बता दें कि पूर्वोत्तर भारत भूकंप आने की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। असम और आसपास के राज्यों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के कारण यहां भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।

कभी तेज तो कभी हल्के होते हैं ये भूकंप

कभी ये भूकंप तेज भी होते हैं तो कभी हल्के होते हैं। भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसकी गहराई और केंद्र से दूरी भी उसके प्रभाव को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। सामान्य तौर पर गहराई में आने वाले भूकंप का सतह पर प्रभाव अलग हो सकता है। प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में लोगों को भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने और झटके रुकने तक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।