शेयर बाजार ने साल की दूसरी छमाही की शुरुआत एक सकारात्मक रुख के साथ की है। पिछले दो दिनों की निरंतर गिरावट के बाद आज बाजार में खरीदारी का दौर देखा गया, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। सुबह के शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स ने 500 अंकों की बढ़त दर्ज की, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा। बाजार की इस तेजी में मीडिया, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के शेयरों का योगदान प्रमुख रहा है। इसके साथ ही रियल्टी, कंस्ट्रक्शन और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में भी उत्साहजनक रुझान देखे गए हैं।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह 11.15 बजे सेंसेक्स 503.61 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,982.28 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी अवधि में निफ्टी 152.35 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,018.10 के स्तर तक पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 21 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिनमें अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी प्रमुख रहे। हालांकि, इस सकारात्मक माहौल में भी टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फिनसर्व के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे इन शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विस्तृत बाजार की स्थिति की बात करें तो निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 0.21 प्रतिशत और 0.41 प्रतिशत की तेजी देखी गई। इस बीच, अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के शेयरों में आई अचानक तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद, कंपनी के शेयरों में आज करीब 18 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। कारोबार के दौरान शेयर 24.84 रुपये के पिछले बंद स्तर से बढ़कर 29.40 रुपये तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस पावर द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीकों में निवेश करने की घोषणा ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है, जिससे शेयरों में खरीदारी का दबाव बढ़ा है।
बाजार का यह सुधार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि निफ्टी मेटल जैसे कुछ सेक्टरों में आज भी कमजोरी बनी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुझान स्थिर और सकारात्मक बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करें। आने वाले सत्रों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाजार अपनी इस बढ़त को बरकरार रख पाता है या नहीं।


