
Jhansi Aghori Baba fraud CCTV Footage: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर सर्राफा बाजार में बुधवार दोपहर एक बेहद हैरान करने वाली और फिल्मी अंदाज की ठगी का मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ‘एमजी ज्वेलर्स’ नाम की दुकान पर गले में माला और माथे पर भभूत लगाए अघोरी बाबा के वेश में एक शातिर ठग पहुंचा. उसने दुकानदार संतोष रैकवार को पायल दिखाने का झांसा दिया और बातों के ऐसे जाल में उलझाया कि व्यापारी अपनी सुध-बुध खो बैठा. पीड़ित जौहरी के मुताबिक, उस बहुरुपिए ने बातों-बातों में उससे लगभग 10 ग्राम सोना और 50 हजार रुपये नकद ऐंठ लिए और कुछ पैसे वापस कर बाकी सामान लेकर आसानी से फरार हो गया.
आरोपी के जाने के बाद जब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ, तो उसके होश उड़ गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सर्राफा बाजार के व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया और वे तुरंत थाने पहुंचे. दुकान के सीसीटीवी कैमरे में अघोरी बाबा के वेश में घूम रहे उस शातिर की सारी करतूत साफ-साफ कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब उसकी तलाश में जुट गई है.
अघोरी बाबा के वेश में आया शातिर ठग
झांसी के मऊरानीपुर सर्राफा बाजार में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गले में माला और माथे पर भभूत लगाए अघोरी बाबा के वेश में एक संदिग्ध व्यापारी संतोष रैकवार की दुकान ‘एमजी ज्वेलर्स’ पर पहुंचा. उसने व्यापारी को पायल दिखाने और बातों में उलझाने का ऐसा जाल बुना कि व्यापारी सुध-बुध खो बैठा. आरोपी ने शातिर तरीके से लगभग 10 ग्राम सोना और 50 हजार रुपये नकद ऐंठ लिए, जिसमें से कुछ पैसे वापस कर बाकी माल लेकर वह चंपू हो गया.
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी करतूत
दुकान के काउंटर पर बाबा के वेश में खड़े उस ठग की सारी हरकतें पास लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ रिकॉर्ड हो गईं. फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे वह आरोपी हाथ के इशारों से व्यापारी को अपनी बातों में सम्मोहित कर रहा है. घटना के बाद आरोपी पास की एक दुकान से मिठाई खाने के बाद रिक्शा में बैठकर फरार हो गया. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। बुलियन एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल सोनी समेत अन्य व्यापारियों ने बाजार में सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है.
सम्मोहन का दावा, पर पुलिस ने नकारी थ्योरी
पीड़ित जौहरी संतोष रैकवार का दावा है कि उस अघोरी बाबा ने उसे सम्मोहित (हाइपोटाइज) कर दिया था, जिसके चलते उसे कुछ समझ ही नहीं आया कि उसके साथ क्या हो रहा है. हालांकि, मऊरानीपुर के सीओ रत्नेश्वर सिंह ने सम्मोहन की थ्योरी को खारिज करते हुए कहा है कि शुरुआती जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है. पुलिस का मानना है कि आरोपी ने सिर्फ बातों की कलाकारी से ठगी को अंजाम दिया है और आशंका है कि इस शातिर ने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया होगा.
पुलिस की तलाश और छानबीन तेज
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया. पुलिस अब आरोपी की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी में उसके साथ कोई और भी शामिल था या नहीं. मऊरानीपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फुटेज के आधार पर उस बहुरुपिए ठग की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है.



