एचडीएफसी बैंक के CEO शशिधर जगदीशन ने 26 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है. बैंक ने 29 अगस्त को इसकी जानकारी देते हुए नए CEO की तलाश तेज करने की बात कही है. जगदीशन करीब 30 साल से बैंक से जुड़े रहे हैं और 2020 में CEO बने थे. अब नए CEO के सामने बैंक की गवर्नेंस, निवेशकों का भरोसा और शेयर प्रदर्शन सुधारने जैसी कई बड़ी चुनौतियां होंगी.

अचानक हुआ नेतृत्व परिवर्तन

एचडीएफसी बैंक के 61 वर्षीय CEO शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है. बैंक के मुताबिक, उन्हें मनाने की कोशिश के बावजूद उन्होंने यह निर्णय लिया. जगदीशन 1996 में वित्त विभाग में मैनेजर के तौर पर बैंक से जुड़े थे और करीब 30 साल के सफर के बाद सीईओ के पद तक पहुंचे. उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है. बैंक के बोर्ड ने उनके नेतृत्व और बैंक की ग्रोथ, स्थिरता के साथ एचडीएफसी के विलय को सफलतापूर्वक पूरा करने में उनकी भूमिका की सराहना की है.

गवर्नेंस पर रहेगी नजर

नए सीईओ के सामने बैंक से जुड़े गवर्नेंस मामलों को संभालना बड़ी चुनौती होगी. मार्च में चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे. इसके बाद मई में महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कथित मार्केटिंग खर्च के तौर पर 45 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला सामने आया था. बैंक ने किसी भी गलत काम की धारणा को खारिज किया था. इसके अलावा कुछ शीर्ष अधिकारियों पर बिजनेस ओवररीच के मामले में कार्रवाई और अन्य कानूनी मामलों ने भी बैंक पर जांच बढ़ाई है.

शेयर प्रदर्शन और निवेशकों का भरोसा

नए सीईओ के लिए निवेशकों का भरोसा वापस मजबूत करना भी अहम चुनौती होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 116 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाले एचडीएफसी बैंक के शेयर ने इस साल व्यापक बैंकिंग सूचकांक और कई बड़े प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है. इस साल बैंक का शेयर करीब 27% गिरा है, जबकि निफ्टी बैंक सूचकांक में करीब 3.5% की गिरावट आई है. नए नेतृत्व को बैंक की ग्रोथ और गवर्नेंस पर भरोसा कायम करने के साथ 2023 के एचडीएफसी विलय के बाद तरलता और मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को लेकर भी निवेशकों की चिंता दूर करनी होगी.

नए CEO के लिए बढ़ी जिम्मेदारी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद एम. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। भरूचा नए सीईओ पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं. उनके पास बैंकिंग क्षेत्र में करीब 35 साल का अनुभव है और वह अप्रैल 2023 से बैंक के डिप्टी MD हैं. हालांकि, बैंक सीईओ पद के लिए बाहरी उम्मीदवार पर भी विचार कर सकता है, क्योंकि RBI के नियमों के तहत नियुक्ति के लिए कई नाम भेजने होते हैं. नए सीईओ को नेतृत्व परिवर्तन को सुचारू रखने के साथ बैंक की गवर्नेंस और निवेशकों के भरोसे से जुड़े मुद्दों पर भी काम करना होगा.