इलाहाबाद हाई कोर्ट में पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई टल गई है. बताया जा रहा है कि लंच के बाद बेंच न बैठने के चलते मामले की सुनवाई नहीं हो सकी. अब इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई होगी. इस बीच कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट विजय कुमार सिंह को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है.

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का मामले में सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी. दरअसल हाई कोर्ट पंचायत चुनाव से जुड़ी कुल नौ याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इससे पहले हाईकोर्ट ने 13 मार्च को ग्राम पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य चुनाव आयोग से विस्तृत रूपरेखा मांगी थी. इस मामले में चार जनहित याचिकाएं भी दायर की गई हैं. जिसको चीफ जस्टिस द्वारा लखनऊ बेंच से इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ ट्रांसफर किया गया है.
इस मामले में एमिकस क्यूरी करेंगे हाई कोर्ट की मदद
कुल नौ याचिकाओं में समय से चुनाव कराने और प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने को चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में पिछड़ा वर्ग आयोग को छह माह के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. इस बीच कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट विजय कुमार सिंह को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है. एमिकस क्यूरी मामले में अदालत की मदद करेंगे.
ये बेंच कर रही याचिकाओं पर सुनवाई
जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है. याचिकाओं में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के योगी सरकार के 25 मई के फैसले को चुनौती दी गई है.
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला अब सीधे कानूनी लड़ाई में पहुंच गया है. हाई कोर्ट की रोक के बाद सरकार के अपील करने के फैसले से यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है. फिलहाल निगाहें सरकार की अगली कानूनी कार्रवाई और अदालत के रुख पर टिकी हैं.



