
जबलपुर |30 अक्टूबर 2026| मध्यप्रदेश के जबलपुर से प्यार और विश्वास का एक अनोखा मामला सामने आया है। सामान्य तौर पर तो पत्नियां अपनी पति की लंबी आयु और स्वास्थ्य जीवन की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत करती है लेकिन जबलपुर की एक पत्नी ने करवा चौथ से ठीक पहले अपने पति की जान बचाकर सही तौर पर करवा चौथ का त्यौहार मना लिया।
कैसे बचाई पति की जान?
जबलपुर के शांतिनगर के रहने वाले दीपक गुप्ता को किडनी की गंभीर बीमारी थी। डॉक्टर ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए कहा था और खुशकिश्मती से उनकी पत्नी रश्मि का किडनी ही मैच हो गया। फिर उसके बाद क्या था, पत्नी ने बिना देरी किए अपनी किडनी अपने पति को देने का फैसला कर लिया।
निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट सफल
पत्न के फैसले के बाद जबलपुर के एक निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांटेशन का सफल ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद पत्नी ने अपना व्रत अस्पताल में ही पूरा किया। बताया जा रहा है कि विधि-विधान से पत्नी ने आसमान में चांद को देखकर पूजा की, फिर ICU वार्ड में भर्ती अपने पति को दीये की रौशनी में छलनी से निहारकर अपना व्रत संपन्न किया।
सच्ची जीवनदायिनी बनी पत्नी
जबलपुर की यह घटना इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि करवा चौथ सिर्फ भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखने और औपचारिकताएं निभाने का त्यौहार नहीं है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। यह पर्व आपसी समर्पण, त्याग और उस गहरे विश्वास का प्रतीक है जो दो जिंदगियों को एक डोर में बांधता है। रश्मि ने न केवल अपने पति की लंबी उम्र की दुआ मांगी, बल्कि खुद अपनी किडनी दान कर उनके डूबते जीवन को एक नया सहारा दिया।
दीपक और रश्मि की यह कहानी आज के दौर में सच्चे प्रेम के एक अनोखे उदाहरण के रूप में देखी जा रही हैं, जो आने वाले कई सालों तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी। रश्मि ने सही मायनों में यह साबित कर दिया कि पत्नी केवल जीवनसंगिनी नहीं, बल्कि समय आने पर जीवनदायिनी भी बन सकती हैं।



