
इन दिनों सिनेमाघरों में नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ छाई हुई है. अब प्रयागराज में मौजूद एक घर चर्चा का विषय बना हुआ है और भारी संख्या में लोग वहां दर्शन करने पहुंच रहे हैं. कहा जा रहा है कि इस घर में नीम करौली बाबा रहते थे. आइए जानते हैं इस कहानी के पीछे का पूरा सच.
कहां स्थित है ये घर?
हम जिस घर की बात कर रहे हैं, वो प्रयागराज की 18/4 चर्च लेन में स्थित है. घर में एक सामान्य सा कमरा मौजूद है. बताया जा रहा है कि उस कमरे में नीम करौली बाबा रहा करते थे और यहीं वह प्रार्थना करते थे.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का घर था
जानाकारी के मुताबिक जिस घर की बात हो रही है वो कभी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सुधीर मुखर्जी का हुआ करता था. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, नीम करौली बाबा साल में एक-दो बार इस घर में मिलने के लिए आया करते थे.
इस घर में बाबा कैसे आए?
परिवार के मुताबिक, नीम करौली बाबा और प्रोफेसर सुधीर मुखर्जी की पहली मुलाकात 1935 में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में हुई थी. 1950 में इलाहाबाद में दोनों फिर मिले. बाबा से प्रभावित मुखर्जी ने 1956 में चर्च लेन में यह घर बनवाया. इसके बाद मुखर्जी परिवार और बाबा का रिश्ता और गहरा होता गया. बताया जाता है कि सुधीर मुखर्जी और उनकी पत्नी की कोई संतान नहीं थी. बाद में उन्होंने सत्या पांडे को परिवार में शामिल कर लिया.
हनुमान के रूप में प्रकट हुए
सत्या के मुताबिक, नीम करौली बाबा हनुमान जी के भक्त थे और कुछ अनुयायी उन्हें हनुमान जी का अवतार मानते हैं. उनका दावा है कि बाबा एक बार प्रोफेसर मुखर्जी के सामने हनुमान के रूप में प्रकट हुए थे. परिवार के अनुसार, बाबा ने कभी अपने चमत्कारों का प्रचार नहीं किया. आज भी यह परिवार इस घर को उनकी मौजूदगी और याद से जोड़कर देखता है.
शाम को लोग करने आते हैं दर्शन
इस वक्त सत्या पांडे उस घर के देखरेख कर रहे हैं. भक्त शाम 5 से रात 8 बजे तक दर्शन कर सकते हैं. यहां चढ़ावा नहीं लिया जाता, जबकि प्रसाद में लड्डू दिए जाते हैं. बाबा से जुड़ा कमरा खास आकर्षण है, जहां उनका तख्त और तकिया आज भी सुरक्षित रखा गया है.


