
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। वाणी, बुद्धि, संचार और व्यापार का मुख्य कारक बुध ग्रह माना जाता है। माना जाता है कि अगर जातक की कुंडली में बुध कमजोर हो, तो बिजनेस में नुकसान और आर्थिक उतारचढ़ाव देखने को मिलते हैं।
वहीं, जातको काफी जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 7 जुलाई को बुध मिथुन राशि में गोचर करने जा रहा है। इस गोचर के समय कुछ गलतियों को करने जरुर बचना चाहिए। इस समय बुध ग्रह व्रकी अवस्था में है। ज्योतिष के अनुसार, वर्जित कामों को करने से जीवन में समस्याएं काफी देखने को मिलती हैं और घर में अशांति का वातावरण हो जाता है। आइए आपको बताते हैं बुध गोचर के दौरान किन गलतियों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
जल्दबाजी में निवेश न करें
ज्योतिष के मुताबिक, बुध गोचर के समय भूलकर भी जल्दबाजी में किसी भी तरह का निवेश न करें। कई बार लोग भावनाओं में बहकर निवेश कर देते हैं। माना जाता है कि बुध गोचर के दौरान निवेश करने से कर्ज की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है और निवेश पूरी तरह से डूब सकता है। जब आप निवेश करने जा रहे हैं, तो पहले सही से सोचें और एक्सपर्ट की राय जरुर लें।
अनावश्यक यात्राएं
बुध गोचर के समय अनावश्यक यात्राओं को टाल ही दें। यदि कोई जरुरी यात्रा करनी है, घर से सावधानी से निकलें।
वाणी पर कंट्रोल करें
असल में बुध ग्रह व्यक्ति के बोलने के तरीके को नियंत्रित करते हैं। आप दूसरों के सामने खुद कैसे प्रस्तुत करते हैं। यह सब बुध तय करता है। इस गोचर के समय किसी से भी बातचीत के दौरान कठोर वाणी भूलकर भी न बोलें। माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से जॉब या बिजनेस में काफी नुकसान देखने को मिलता है। इसलिए अपने अंहकार को दूर करें और सबसे विनम्र रहें।
बुध ग्रह के उपाय
जिन व्यक्ति के कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है, उन लोगों के बुधवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद चार मुख वाले रुद्राक्ष को जरुर धारण करें। माना जाता है कि इस उपाय के करने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और सभी परेशानियां दूर होती है।
वहीं, आप बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरी चीजों का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं और जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।



