दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने महज कुछ ही दिनों के भीतर एक बड़ा रिकॉर्ड अपने हाथ से गंवा दिया है. स्पेसएक्स के शेयरों में आई भारी गिरावट के कारण मस्क अब दुनिया के इकलौते ‘ट्रिलियनेयर’ नहीं रहे. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ गिरकर 957 अरब डॉलर पर आ चुकी है. मस्क की संपत्ति में यह बड़ी सेंध स्पेसएक्स के मूल्यांकन में भारी कमी और टेक बाजार में आई मंदी के कारण लगी है. हालांकि, इस भारी नुकसान के बावजूद वह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के पायदान पर मजबूती से बने हुए हैं.

स्पेसएक्स के शेयरों में गिरावट से मस्क को लगा बड़ा झटका

की कंपनी स्पेसएक्स ने हाल ही में शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की थी, जिसके बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब 3 लाख अरब डॉलर पहुंच गई थी. इसी तेजी के दम पर मस्क ने ट्रिलियनेयर क्लब में एंट्री ली थी. लेकिन बाजार का रुख बदलते ही स्पेसएक्स के शेयर 150 डॉलर के स्तर से नीचे आ गए. महज तीन कारोबारी सत्रों के भीतर कंपनी की मार्केट वैल्यू में 600 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. इस बड़ी गिरावट के कारण मस्क को अकेले ही लगभग 118 अरब डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसने उन्हें ट्रिलियनेयर की लिस्ट से बाहर कर दिया.

अब मस्क के पास बची कितनी संपत्ति

दौलत गंवाने के बाद भी एलन मस्क की वित्तीय सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. ब्लूमबर्ग जहां उनकी संपत्ति 957 अरब डॉलर आंक रहा है, वहीं फोर्ब्स की रैंकिंग में अब भी उन्हें 1.1 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया का एकमात्र ट्रिलियनेयर बताया जा रहा है. मस्क की कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स से आता है. इस कंपनी में उनकी 38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत करीब 744 अरब डॉलर है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला में भी उनका बड़ा निवेश है, जहां उनके शेयरों की वैल्यू लगभग 158 अरब डॉलर है.

एआई पर भारी खर्च ने बिगाड़ा खेल

मस्क की इस नेटवर्थ गिरावट के पीछे सिर्फ स्पेसएक्स ही नहीं, बल्कि टेस्ला के शेयरों पर बना दबाव भी है. अमेरिकी नियामकों ने टेस्ला मॉडल 3 कार की एक घातक दुर्घटना के बाद उसकी एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम की जांच शुरू की है, जिससे टेस्ला के शेयर इस हफ्ते 5 फीसदी तक टूट गए. दूसरी तरफ, स्पेसएक्स द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेस डेटा सेंटर्स पर भारी निवेश करने की योजनाओं ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है. कंपनी इसके लिए बॉन्ड जारी करके कर्ज जुटाने की तैयारी में है, जिससे बाजार में मुनाफे को लेकर चिंताएं बढ़ीं और बिकवाली का दौर शुरू हो गया.