करीब 52 हजार करोड़ रुपए की डिफेंस ​डील्स की मंजूरी मिलने के बाद डिफेंश शेयरों में जबरदस्त तेजी देसने को मिल रही है. वास्तव में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल द्वारा लगभग 52,000 करोड़ रुपए के कैपिटल एक्विजिशन प्रपोजल के लिए जरूरी स्वीकृति मिल गई है. सुबह के समय पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज 4.68 फीसदी उछलकर 1,354.60 रुपए पर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 2.14 फीसदी बढ़कर 427 रुपए पर, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स 1.08 फीसदी बढ़कर 2,571 रुपए पर, जबकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स 0.82 फीसदी बढ़कर 4,465.10 रुपए पर पहुंच गया. निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1.35 फीसदी बढ़कर 9,703.75 पर कारोबार कर रहा था.

बीएचईएल को मिल सकता फायदा

जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स पर अपनी ‘बाइंग’ रेटिंग दोहराई. ब्रोकरेज ने कहा कि चार चीनी विद्युत उपकरण कंपनियों को हाईवोल्टेज ट्रांसफार्मर और गैसइंसुलेटेड स्विचगियर के लिए पीएसयू टेंडर्स में भाग लेने की अनुमति देने के सरकार के फैसले का “बीएचईएल पर सीमित प्रभाव पड़ेगा. ब्रोकरेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेट्रिक प्रपल्शन सिस्टम के लिए डीएसी की मंजूरी मिली है. जिसका टेंडर बीएचईएल को मिल सकता है. जेएम फाइनेंशियल को उम्मीद है कि बीएचईएल जून तिमाही में 66 अरब रुपए का राजस्व दर्ज करेगी, जो सालदरसाल 20 फीसदी अधिक है, एबिटडा मार्जिन “न्यूनतम 1.9 फीसदी” है और पिछले आठ वर्षों में इसी तिमाही में घाटे की रिपोर्ट करने के बाद पहली तिमाही में लाभप्रदता में वापसी होगी. ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान BHEL का रेवेन्यू, एबिटडा और पैट क्रमशः 21 फीसदी, 57 फीसदी और 71 फीसदी की CAGR से बढ़ेगा.

किन चीजों के लिए मिली मंजूरी

शेयर बाजार में ये तेजी भारतीय सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से खरीद प्रस्तावों को डीएसी की मंजूरी के बाद आई है. काउंसिल देश में डिफेंस परचेज के लिए निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है. स्वीकृतियों में लोकल वेपंस सिस्टम्स और प्लेटफॉर्म्स की एक चेन शामिल है, जिसमें आकाश तरंग एंटीड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मैनपोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल , मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम, बहुत कम दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम , टैंकों के लिए सक्रिय सुरक्षा प्रणाली आदि शामिल हैं.

अब सेकंड फेज में जाएगी मंजूरी

भारतीय नौसेना के लिए, डीएसी ने बहुप्रभाव वाली जमीनी खदानों, नौसैनिक जहाज आधारित मानवरहित हवाई प्रणाली और भूमि आधारित परीक्षण सुविधा की स्थापना के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स , हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड , और बीएचईएल हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद की 52,000 करोड़ की मंजूरी के प्रमुख लाभार्थियों के रूप में उभर सकते हैं. रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये के रक्षा अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. आवश्यकता की स्वीकृति दिए जाने के बाद, अगले फेज में कांट्रैक्ट दिए जाने से पहले टेंडर, टेक्नीकल वैल्यूएशन और कमर्शियल बातचीत शामिल होती है. एओएन सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी और अधिग्रहण प्रक्रिया का पहला फेज है.