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बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर वार्ड नंबर 6 में एक 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मृतका की पहचान आशा देवी के रूप में हुई है. परिजनों ने उसके पति सुजीत पासवान पर डंडे से पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है. घटना के बाद जब आशा के मायके वाले घर पहुंचे तो कमरे में उसका शव बिस्तर पर पड़ा था.

जबकि उसकी 5 साल की बेटी अंशिका आंगन में अपनी गुड़ियों के साथ खेल रही थी. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और FSL टीम ने भी जांच की है. पति और परिवार के कुछ सदस्यों की तलाश की जा रही है. इसके बाद जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर दिया…

आंगन में पांच साल की अंशिका अपनी गुड़ियों के साथ खेल रही थी. उसके लिए उस वक्त सब कुछ सामान्य था. शायद उसे यही लग रहा था कि उसकी मां कमरे में आराम कर रही है और थोड़ी देर बाद उठकर उसे अपने पास बुला लेगी. लेकिन कुछ ही कदम दूर कमरे में उसकी 22 साल की मां आशा देवी बिस्तर पर मृत पड़ी थी.

घर में सन्नाटा था. मां की कोई आवाज नहीं थी. परिवार का कोई सदस्य आसपास नहीं था. और इस पूरी खामोशी के बीच वह मासूम बच्ची अपनी छोटी सी दुनिया में खेलती रही. उसे शायद यह समझने की उम्र भी नहीं थी कि जिस मां को वह कुछ देर बाद उठते हुए देखने की उम्मीद कर रही है, वह अब कभी नहीं उठेगी.

मायके वालों को फोन से मिली बेटी की मौत की खबर

रविवार को आशा के मायके वालों को एक स्थानीय व्यक्ति ने फोन कर उसकी मौत की जानकारी दी. खबर मिलते ही परिवार के लोग मधुरापुर स्थित उसके ससुराल पहुंचे. घर का दरवाजा खुला था, लेकिन अंदर कोई मौजूद नहीं था. परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो कमरे में बिस्तर पर आशा का शव पड़ा था. वहीं आंगन में उसकी पांच साल की बेटी अंशिका अकेली अपनी गुड़ियों के साथ खेल रही थी.

आशा के पिता गणेश पासवान का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही परिवार के लोग घर छोड़कर चले गए थे और बच्ची को अकेला छोड़ दिया गया था. मां को पुकारती रही मासूम, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं आया. परिजनों के मुताबिक, अंशिका को शायद अपनी मां की मौत का एहसास नहीं था. वह मां को पुकार रही थी और उसके उठने का इंतजार कर रही थी. एक तरफ बिस्तर पर मां का शव था और दूसरी तरफ आंगन में उसकी मासूम बेटी अपनी गुड़ियों के साथ खेल रही थी. परिजनों के लिए यह दृश्य किसी सदमे से कम नहीं था.

ढाई साल पहले हुई थी आशा और सुजीत की शादी

आशा देवी वैशाली के राघोपुर प्रखंड के जुरावनपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव की रहने वाली थीं. करीब ढाई साल पहले उनकी शादी मधुरापुर गांव निवासी सुजीत पासवान से हुई थी. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। यह दोनों की दूसरी शादी थी. सुजीत की पहली पत्नी की बीमारी से मौत हो चुकी थी और पहली शादी से उसके दो बच्चे थे. वहीं आशा के पहले पति की भी बीमारी के कारण मौत हो गई थी. पहली शादी से आशा की एक बेटी थी, जिसका नाम अंशिका है. परिजनों के मुताबिक, दोनों परिवारों को शादी से पहले ही एक-दूसरे के बच्चों के बारे में जानकारी थी.

बच्चों को लेकर होता था विवाद?

आशा के परिवार वालों का आरोप है कि शादी के बाद बच्चों को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद हुआ था. परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद सुजीत ने आशा पर डंडे से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि, यह परिजनों की ओर से लगाया गया आरोप है. पुलिस ने अभी घटना की पूरी वजह और हत्या के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है. मौत की वास्तविक परिस्थितियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ होंगी.

मौके पर पहुंची पुलिस, FSL ने जुटाए सबूत

घटना की सूचना मिलने के बाद बिदुपुर थाना प्रभारी रवि प्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घर और घटनास्थल की जांच की. मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL टीम को भी बुलाया गया. टीम ने मौके से संभावित साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने आशा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह और शरीर पर लगी चोटों की प्रकृति को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है.

पति और परिवार के सदस्यों की तलाश

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद सुजीत और परिवार के कुछ अन्य सदस्य मौके पर नहीं मिले. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले घर में क्या हुआ था, पति-पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ और आशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई.

सबसे बड़ा सवाल उस पांच साल की बच्ची को लेकर

इस घटना का सबसे झकझोर देने वाला पहलू पांच साल की अंशिका है. जिस उम्र में एक बच्चा मां की गोद को अपनी पूरी दुनिया समझता है, उसी उम्र में अंशिका अपनी मां के शव से कुछ ही दूरी पर अकेली खेलती मिली. उसे शायद उस समय यह पता भी नहीं था कि उसकी मां अब कभी कमरे से बाहर नहीं आएगी. पुलिस जांच से अब यह साफ होगा कि आशा की मौत कैसे हुई और इसके लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है. फिलहाल मामला आरोप, जांच और जुटाए जा रहे साक्ष्यों के बीच है.