अगर आप पेंशनभोगी हैं और वित्त वर्ष 202526 का आयकर रिटर्न भरने जा रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हर तरह की पेंशन पर ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं मिलता. यह लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी पेंशन को आयकर कानून में किस श्रेणी में रखा गया है. टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, EPFO की Employees’ Pension Scheme , पूर्व नियोक्ता से मिलने वाली पेंशन और कॉरपोरेट NPS से मिलने वाली पेंशन पर स्टैंडर्ड डिडक्शन का दावा किया जा सकता है. वहीं, व्यक्तिगत NPS या LIC से खरीदी गई एन्युटी पर यह छूट उपलब्ध नहीं है.

नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में कितना मिलेगा लाभ?
नई टैक्स व्यवस्था चुनने वाले पात्र पेंशनभोगियों को अधिकतम ₹75,000 तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिल सकता है. वहीं, पुरानी टैक्स व्यवस्था अपनाने वालों के लिए यह सीमा ₹50,000 है. हालांकि, अगर पेंशन की राशि इससे कम है, तो केवल वास्तविक पेंशन राशि तक ही डिडक्शन मिलेगा.
किन पेंशनभोगियों को मिलेगा स्टैंडर्ड डिडक्शन?
मुंबई के टैक्स और निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन के मुताबिक, Employees’ Pension Scheme के तहत मिलने वाली पेंशन, पूर्व नियोक्ता से मिलने वाली पेंशन और कॉरपोरेट NPS से मिलने वाली पेंशन को आयकर में ‘Salary’ के तहत टैक्स किया जाता है. चूंकि इन पर टैक्स सैलरी की तरह लगता है, इसलिए ऐसे पेंशनभोगी स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ लेने के पात्र होते हैं.
किन मामलों में नहीं मिलेगी यह छूट?
अगर किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत NPS खाते से खरीदी गई एन्युटी या LIC पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि से खरीदी गई एन्युटी से आय होती है, तो उस पर स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं मिलेगा. इसकी वजह यह है कि ऐसी आय पर टैक्स ‘Income from Other Sources’ के तहत लगाया जाता है, न कि ‘Salary’ के तहत.
एक खास अपवाद भी है
यदि किसी कर्मचारी के लिए उसके नियोक्ता ने रिटायरमेंट लाभ के रूप में एन्युटी खरीदी है, तो उस एन्युटी से मिलने वाली पेंशन Salary Income मानी जाएगी. ऐसे मामलों में पेंशनभोगी नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था के अनुसार स्टैंडर्ड डिडक्शन का दावा कर सकते हैं.
ITR भरने से पहले जरूर करें जांच
विशेषज्ञों का कहना है कि पेंशनभोगियों को ITR दाखिल करने से पहले यह जरूर जांच लेना चाहिए कि उनकी पेंशन या एन्युटी किस हेड के तहत टैक्स हो रही है. केवल पेंशन का स्रोत ही नहीं, बल्कि उसका टैक्स ट्रीटमेंट यह तय करता है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा या नहीं. सही जानकारी के साथ ITR दाखिल करने से टैक्स बचत भी होगी और बाद में किसी तरह की परेशानी से भी बचा जा सकेगा.



