Jaipur Crime News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा व्यवस्था के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा मोमोज बेचने वाली युवती पर कथित तौर पर खौलता पानी फेंकने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. आरोपी पुलिसकर्मी नरेंद्र को शनिवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने पीड़ित युवती के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और परिवार के रोजगार के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की बड़ी घोषणा की है.

यह पूरी घटना 19 जून की शाम करीब पौने सात बजे की है. दरअसल, जगतपुरा के महल रोड से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना था. सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पुलिसकर्मी सड़क किनारे से हाथ ठेले और कार्ट्स हटवा रहे थे. आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मी नरेंद्र ने 27 वर्षीय रेशु गुप्ता की कार्ट को बेरहमी से धक्का देकर पलट दिया, जिससे ठेले पर रखा खौलता हुआ पानी रेशु पर गिर गया और वह बुरी तरह झुलस गई. घटना के बाद 22 जून को पीड़िता की बड़ी बहन खुशबू ने रामनगरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.

सरकार खुद पहुंची पीड़िता के द्वार, मदद का किया ऐलान

मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर आक्रोश बढ़ने के बाद सरकार तुरंत एक्शन में आई. नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना प्रतापनगर स्थित व्यास अपार्टमेंट में पीड़िता के घर पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया.

पीड़िता रेशु गुप्ता के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. पीड़ित परिवार को तुरंत अपना गुजारा करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. परिवार के स्थायी रोजगार और पुनर्वास के लिए नगर निगम द्वारा डेयरी बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

25 दिन पहले ही शुरू किया था ‘हेल्दी आटा मोमोज’ का काम

पीड़िता रेशु गुप्ता ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई. उसने बताया कि पिता लाल बहादुर गुप्ता के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके और उसकी बड़ी बहन खुशबू गुप्ता के कंधों पर आ गई थी. रेशु ने बीएससी करने के बाद कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने हार नहीं मानी. करीब 25 दिन पहले ही उसने महल रोड स्थित कैपिटल हाई स्ट्रीट पर हेल्दी आटा मोमोज नाम से अपनी कार्ट लगानी शुरू की थी ताकि सम्मान से घर चला सके, लेकिन खाकी के इस रवैये ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

डीसीपी के निर्देश पर पुलिसकर्मी नरेंद्र के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस विभाग का कहना है कि कानूनव्यवस्था के नाम पर आम नागरिकों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के बाद सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.