Abaan Ahmed Funeral: झांसी में सड़क हादसे में मौत के बाद माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान को प्रयागराज के कसारीमसारी कब्रिस्तान में सुपुर्दएखाक किया जा रहा है. जेल में बंद उसके दोनों भाई उमर और अली भी पहुंचे हैं. अबान को अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी है. जानकारी के अनुसार, मस्जिद में जनाजे की नमाज अदा करने के बाद अब उसे सुपुर्दएखाक किया जा रहा है. इस दौरान भीड़ बेकाबू हो गई, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया.

इससे पहले झांसी जिला कारागार में बंद अली अहमद को पैरोल मिलने पर कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज लाया गया. अली को जिस वाहन से प्रयागराज रवाना किया गया, उसकी खिड़कियों पर पर्दे लगाए गए थे. वाहन के अंदर बैठे अली अहमद को बाहर से देखा न जा सके और रास्ते में वह मीडिया से बातचीत न कर पाए. अली के जेल से बाहर निकलने की सूचना के बाद मौके पर मीडिया कर्मियों की भी मौजूदगी रही. वहीं, अतीक के बड़े बेटे उमर के बाद अली का काफिला प्रयागराज के कसारी कब्रिस्तान पहुंचा.

सभी की नजरें इस बात पर थीं कि अली अहमद बाहर आने के बाद क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वह मीडिया से कोई बातचीत करता है. हालांकि, वाहन में लगाए गए पर्दों के कारण अली अहमद का चेहरा भी कैमरों में स्पष्ट रूप से नजर नहीं आया. इस दौरान पुलिस और प्रशासन की निगरानी भी रही. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। वाहन के चारों तरफ सुरक्षा का ध्यान रखा गया, ताकि रास्ते में किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने.

वाहन की खिड़कियों पर लगाए गए पर्दे

अली अहमद के प्रयागराज रवाना होने के दौरान वाहन पर लगाए गए पर्दे चर्चा का विषय बने रहे. मीडिया कर्मियों की कोशिश थी कि वाहन के अंदर मौजूद अली अहमद से बातचीत की जा सके, लेकिन पर्दों के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका. यही वजह रही कि अली अहमद की झांसी से प्रयागराज रवानगी के दौरान मीडिया को कोई सीधा बयान नहीं मिल पाया.

खिलकियों पर पर्दे लगाने की क्या थी वजह?

अली अहमद झांसी जिला जेल में बंद है. पैरोल मिलने के बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत झांसी से प्रयागराज ले जाया गया. अब उसकी प्रयागराज में मौजूदगी और पैरोल से जुड़ी आगे की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है. फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि आखिर वाहन की खिड़कियों को पर्दों से क्यों ढका गया और क्या सुरक्षा कारणों के चलते अली अहमद को मीडिया से दूर रखा गया. हालांकि, पर्दे लगाने को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है.