विटामिन बी12 शरीर के लिए एक जरूरी न्यूट्रिएंट है, जिसकी कमी होने पर शरीर कई संकेत देना शुरू करता है. लोग अक्सर इसके लक्षणों को नॉर्मल समझकर नजरअंदाज करते हैं, लेकिन ऐसा करने की वजह से आप गंभीर समस्या का शिकार हो सकते हैं. इन चेतावनी साइन को समझना बहुत जरूरी होता है ताकि आप डॉक्टर से सही सलाह लेकर जरूरत के मुताबिक, सप्लीमेंट्स या फिर डाइट ले सकें. एक्सपर्ट ने इसकी कमी होने पर दिखाई देने वाले साइन के बारे में बताया है.

नेस्थेसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन फिजिशियन डॉ. कुणाल सूद ने एक वीडियो शेयर करके बताया है कि जब किसी के शरीर में बी12 की कमी होती है तो बॉडी क्याक्या साइन देती है और कब आपको टेस्ट कराने की जरूरत होती है. चलिए जान लेते हैं डिटेल के साथ.

जीभ पर दिखते हैं लक्षण

डॉ कुणाल के मुताबिक, B12 की कमी से ‘एट्रोफिक ग्लोसाइटिस’ हो सकता है, जिसमें जीभ चिकनी, चमकदार, लाल दिखाई देती है और दर्द हो सकता है. दरअसल जीभ पर छोटीछोटी पैपिला होती हैं, जिनकी वजह से हमारी जीभ में एक सॉफ्ट लेकिन हल्का खुरदुरापन होता है, जबकि बी12 की कमी होने पर पैपिला सिकुड़ सकते हैं और इस वजह से इसकी ऊपरी सतह में सूजन आ सकती है.

बिना वजह थकान बनी रहना

डॉ कुणाल सूद के मुताबिक, B12 की कमी से रेड ब्लड सेल्स का बनना प्रभावित हो सकता है, जिससे आगे चलकर ‘मेगालोब्लास्टिक एनीमिया’ हो सकता है और टिशूज तक ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो सकती है. इससे थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना या एक्सरसाइज करने की स्ट्रेंथ कम हो सकती है.

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झुनझुनी या सुन्नपन होना

B12 की कमी होने पर झुनझुनी और सुन्नपन भी महसूस होता है, क्योंकि विटामिन बी12 माइलिन को बनाए रखने के लिए जरूरी है. इसकी कमी से पेरिफेरल नर्व्स को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे लगातार झुनझुनी, जलन, सुन्नपन या संवेदना में कमी हो सकती है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। ये लक्षण अक्सर पैरों से शुरू होते हैं. अगर बी12 की कमी हो जाए तो शरीर में ब्लड काउंट नॉर्मल होने पर भी ये लक्षण दिखाई देते हैं.

ब्रेन फॉग या याददाश्त में बदलाव

B12 की कमी से फोकस करने में मुश्किल होना. सोचने की गति धीमी होना, भूलने की समस्या होना, कन्फ्यूजन या मूड में बदलाव हो सकता है फिर चाहे चाहे एनीमिया हो या न हो, क्योंकि बी12 पर निर्भर प्रक्रियाएं माइलिन और नर्व सिग्नलिंग को सामान्य बनाए रखने में मदद करती हैं.

बैलेंस की समस्या होना

लंबे समय तक विटामिन बी 12 की कमी रहने से रीढ़ की हड्डी में उन सेंसरी रास्तों को नुकसान पहुंच सकता है जो ‘प्रोप्रियोसेप्शन’ का काम करते हैं. इससे लड़खड़ाना, ठोकर खाना, अंधेरे में चलने में मुश्किल या चौड़ी और संभलकर चाल चलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

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इस जरूरा बात का रखें ध्यान

डॉक्टर कुणाल सूद ने ये बताया है कि इन लक्षणों का मतलब हमेशा B12 की कमी ही नहीं होता, लेकिन अगर झुनझुनी, जीभ में बदलाव, थकान, सोचनेसमझने से जुड़े लक्षण या चालढाल में समस्या एक साथ दिखे, तो जांच करवानी चाहिए. ब्लड टेस्ट से कमी का पता चल सकता है, और शुरुआती इलाज जरूरी है क्योंकि नसों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचने पर वे शायद पूरी तरह ठीक न हो पाएं.