Protest Against Swami Prasad Maurya: सनातन धर्म पर कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर शनिवार को हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य का सांकेतिक पुतला बनाकर उसका जूतेचप्पलों से विरोध जताया और बाद में हाथपैर बांधकर मानसिक आरोग्यशाला पहुंचे, जहां प्रतीकात्मक रूप से उनके नाम से ओपीडी का पर्चा कटवाकर विरोध दर्ज कराया गया।

सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से सनातन धर्म, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उनका कहना था कि ऐसे बयानों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांकेतिक पुतले को जमीन पर लिटाकर चप्पलों से जताया विरोध
मानसिक आरोग्यशाला पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक पुतले को जमीन पर लिटाकर चप्पलों से विरोध जताया। महिला कार्यकर्ताओं ने भी हाथों में चप्पल लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। संगठन के नेताओं ने अस्पताल प्रशासन को एक प्रतीकात्मक आवेदन सौंपते हुए कहा कि यदि स्वामी प्रसाद मौर्य का इलाज कराया जाता है तो उसका पूरा खर्च हिंदू महासभा वहन करेगी। इस दौरान मानसिक आरोग्यशाला के प्रमुख डॉ. दिनेश राठौर को सांकेतिक रूप से भर्ती कराने के लिए पर्चा भी सौंपा गया।
“आंख और जीभ काटकर” लाने पर इनाम घोषित
प्रदर्शन के दौरान मीरा राठौर ने एक अत्यंत विवादास्पद बयान भी दिया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जो व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य की “आंख और जीभ काटकर” लाएगा, उसे पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह बयान सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल हिंदू धर्म पर ही टिप्पणी करते हैं और यदि उनमें साहस है तो किसी अन्य धर्म पर भी ऐसी टिप्पणी करके दिखाएं। प्रदर्शन में मीरा राठौर, निशा ठाकुर, नितेश भारद्वाज सहित हिंदू महासभा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



