aparajita chaye

Aparajita Tea: क्या आपने कभी ऐसी चाय देखी है, जिसका रंग नीला हो और जिसमें चायपत्ती की जगह खूबसूरत अपराजिता के फूल डाले जाते हों? घर-आंगन की शोभा बढ़ाने वाले छोटे-छोटे नीले फूल इन दिनों अपने एक अलग ही इस्तेमाल को लेकर चर्चा में हैं. अपराजिता के फूलों से तैयार होने वाली इस हर्बल चाय को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है. इसके फूलों से बने पेय को लेकर कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी दावे किए जाते हैं. खासकर बुजुर्गों के बीच इसे पसंद किया जाता है. लेकिन सवाल है कि आखिर, अपराजिता की चाय कैसे तैयार की जाती है? इसे पीने का सही तरीका क्या है? ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इसके फायदे क्या हैं? आइए जानते हैं इस खूबसूरत नीली चाय से जुड़ी पूरी जानकारी.

अपराजिता की चाय बनाने के लिए सामग्री?

इस चाय को बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ेगी.

4-5 सूखे अपराजिता के फूल

1 कप पानी

स्वाद के लिए थोड़ा नींबू

जरूरत के अनुसार शहद

अपराजिता की चाय बनाने का तरीका

सबसे पहले एक कप पानी को गर्म करें. इसमें अपराजिता के फूल डालकर करीब 5-7 मिनट तक ढककर रखें. पानी का रंग धीरे-धीरे गहरा नीला हो जाएगा. अब इसे छानकर कप में डालें. स्वाद के लिए इसमें नींबू की कुछ बूंदें डाल सकते हैं. नींबू डालते ही इसका नीला रंग बैंगनी या गुलाबी रंग में बदल सकता है. अगर चाहें तो स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में शहद भी मिला सकते हैं.

अपराजिता की चाय पीने के फायदे

अपराजिता में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट यौगिक शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं. कुछ शुरुआती शोधों में Butterfly Pea के संभावित एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैविक प्रभावों पर अध्ययन किया गया है, लेकिन इंसानों में इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर अभी और मजबूत शोध की जरूरत है. इसमें कैफीन नहीं होता, इसलिए सामान्य चाय या कॉफी का विकल्प तलाशने वाले लोग इसे पसंद कर सकते हैं. इसके अलावा, बिना चीनी की अपराजिता चाय एक कम-कैलोरी पेय हो सकती है.

इसे कब और कैसे पीना बेहतर है?

अपराजिता की चाय को दिन में कभी भी लिया जा सकता है. सुबह या शाम इसे बिना ज्यादा चीनी के पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. अगर आप इसे पहली बार पी रहे हैं, तो कम मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है.