अगर आपने हाल में कोई नया लोन नहीं लिया है और फिर भी आपका क्रेडिट स्कोर यानी CIBIL स्कोर बदल गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसा होना नॉर्मल है. क्रेडिट स्कोर सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि आपने कितना लोन लिया है. यह आपके पूरे क्रेडिट रिकॉर्ड के आधार पर तय होता है और यह रिकॉर्ड समयसमय पर अपडेट होता रहता है.

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में क्रेडिट कार्ड, पुराने लोन, भुगतान का रिकॉर्ड, क्रेडिट लिमिट, बकाया रकम और बैंक या फाइनेंस कंपनियों की ओर से की गई क्रेडिट जांच जैसी कई जानकारियां होती हैं. इनमें बदलाव होने पर आपका स्कोर भी ऊपरनीचे हो सकता है.
1. क्रेडिट कार्ड का बैलेंस बढ़ने से स्कोर बदल सकता है
इसके लिए नया लोन लेना जरूरी नहीं है. मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹2 लाख है और पहले आपके कार्ड पर ₹20,000 का बकाया दिख रहा था. अब बैंक ने ₹80,000 का बैलेंस रिपोर्ट कर दिया. भले ही आपने पूरी रकम तय तारीख तक चुका दी हो, लेकिन बैंक जिस समय क्रेडिट ब्यूरो को आपका बैलेंस भेजता है, उस समय ज्यादा बकाया होने से आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ सकता है. इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है. यानी आप हर महीने समय पर भुगतान कर रहे हैं, फिर भी रिपोर्ट होने वाले बैलेंस के कारण स्कोर में थोड़ा बदलाव हो सकता है.
2. पुराना क्रेडिट कार्ड बंद करने से भी असर पड़ सकता है
अगर आपने कोई पुराना क्रेडिट कार्ड बंद कर दिया है तो इससे भी आपका क्रेडिट प्रोफाइल बदल सकता है. क्रेडिट स्कोर में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री कितनी पुरानी है, यह भी महत्वपूर्ण होती है. अगर आपने कई साल से चल रहा पुराना कार्ड बंद कर दिया तो आपकी कुल क्रेडिट हिस्ट्री की तस्वीर बदल सकती है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर पुराना कार्ड हमेशा चालू रखना जरूरी है, लेकिन अच्छी तरह चल रहे पुराने कार्ड को बंद करने से पहले उसके असर को समझना चाहिए.
3. नया लोन नहीं लिया, फिर भी क्रेडिट इन्क्वायरी हो सकती है
मान लीजिए आपने नया लोन नहीं लिया, लेकिन हाल ही में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया. बैंक आपके आवेदन को मंजूर करने से पहले आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक कर सकता है. इसे क्रेडिट इंक्वायरी कहा जाता है. CIBIL के अनुसार, लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए की गई लैंडर इन्क्वारी रिपोर्ट में दर्ज रहती हैं. अगर आप कम समय में कई क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो इसका आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ सकता है. इसलिए जरूरत न होने पर बारबार क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करने से बचना बेहतर है.
4. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। बैंक पुरानी जानकारी अपडेट कर सकता है
कई बार आपने उस महीने कुछ नया नहीं किया होता, लेकिन बैंक आपकी पुरानी जानकारी अपडेट कर देता है. उदाहरण के लिए बैंक आपके बकाया बैलेंस, भुगतान की स्थिति या किसी पुराने अकाउंट की जानकारी में बदलाव करके उसे क्रेडिट ब्यूरो को भेज सकता है. इसके बाद आपकी रिपोर्ट में बदलाव आता है और उसी के आधार पर क्रेडिट स्कोर भी बदल सकता है. इसलिए क्रेडिट स्कोर को एक ऐसी चलती हुई तस्वीर समझना चाहिए, जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में होने वाले बदलावों के साथ बदलती रहती है.
5. क्रेडिट रिपोर्ट में गलती भी हो सकती है
कभीकभी स्कोर में गिरावट आपकी गलती के कारण नहीं होती. बैंक या क्रेडिट ब्यूरो की रिपोर्टिंग में गलती की वजह से भी ऐसा हो सकता है. उदाहरण के लिए किसी ऐसे लोन का रिकॉर्ड आपकी रिपोर्ट में दिखाई दे सकता है जो आपने लिया ही नहीं. किसी भुगतान को गलती से लेट दिखाया जा सकता है या बकाया रकम गलत दर्ज हो सकती है.



