
UP News: 308 पहियों वाला 200 टन वजनी ‘राक्षस ट्रक’ वाराणसी में दलदल में फंस गया है. भारी मशीनें भी इसे निकाल नहीं पा रही हैं. जानिए क्या है पूरा मामला.
UP News: 308 पहियों वाला विशालकाय ‘राक्षस ट्रक’ वाराणसी पहुंचते ही बड़ी मुसीबत में फंस गया है. डाफी टोल प्लाजा के पास बनाए गए वैकल्पिक रास्ते पर करीब 200 टन वजन वाला मल्टी एक्सल ट्रेलर दलदल में धंस गया. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। ट्रेलर के पिछले हिस्से के कई पहिए जमीन में धंसने के बाद उसे निकालने के लिए डबल इंजन हाइड्रा समेत भारी मशीनें लगायी गयीं, लेकिन ट्रक टस से मस नहीं हुआ. अब रास्ते को मजबूत कर ‘राक्षस ट्रक’ को बाहर निकालने की कवायद चल रही है.
200 टन का वजन, जमीन में धंस गये कई पहिए
ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से करीब 200 टन वजनी वैक्यूम बॉयलर लेकर यह विशाल ट्रेलर उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है. वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा के पास इसके लिए बनाए गये वैकल्पिक मार्ग पर पहुंचते ही जमीन भारी वजन का दबाव नहीं झेल सकी. स्लीपर पर ट्रेलर चढ़ते ही नीचे की जमीन धंस गयी और पिछले हिस्से के कई पहिए दलदल में फंस गये.
डबल इंजन हाइड्रा लगाया, फिर भी नहीं निकला
ट्रक को दलदल से निकालने के लिए डबल इंजन हाइड्रा और जेसीबी की मदद ली गयी. काफी प्रयास के बाद भी भारी ट्रेलर आगे नहीं बढ़ सका. अब अतिरिक्त इंजन मंगाने की तैयारी के साथ वैकल्पिक रास्ते को जेसीबी की मदद से मजबूत किया जा रहा है.
वैकल्पिक रास्ते की मजबूती पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक रास्ते के निर्माण को लेकर सवाल उठाये हैं. रिपोर्ट के अनुसार रास्ते पर गिट्टी डालने के बाद पर्याप्त रोलिंग नहीं की गयी और उसके ऊपर लोहे की प्लेटें रख दी गयीं. भारी ट्रेलर के पहुंचते ही जमीन धंस गयी. ट्रक के लिए करीब एक महीने पहले ही वैकल्पिक रास्ते की तैयारी का निर्देश होने की बात भी सामने आयी है.
‘राक्षस ट्रक’ देखने उमड़ी भीड़
308 पहियों और विशालकाय बॉयलर वाले इस ट्रेलर को देखने के लिए डाफी टोल प्लाजा के आसपास लोगों की भीड़ जुट रही है. लोग इसकी लंबाई, पहियों की संख्या और भारी वजन को देखकर हैरान हैं. ट्रेलर के साथ दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों का दल भी चल रहा है और भारी वाहन को रास्ते में आने वाली तकनीकी दिक्कतों से निकालने के लिए जरूरी इंतजाम साथ रखे गये हैं. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती 200 टन के इस ‘राक्षस ट्रक’ को दलदल से सुरक्षित निकालना है. रास्ता दुरुस्त करने के बाद अतिरिक्त मशीनों की मदद से इसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.



