इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटो और ऊर्जा क्षेत्र के कई बड़े विशेषज्ञों ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का फैसला किसी जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि यह साल की रिसर्च, टेस्टिंग के बाद लागू किया गया है. उनका कहना था कि इससे प्रदूषण कम होगा, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी और किसानों को भी फायदा मिलेगा.

इस प्रेसवार्ता में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की की पहली महिला अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वर्तिका शुक्ला, बजाज ऑटो के हेड मनप्रीत सिंह बिंद्रा, के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रसाद कृष्णन, टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई मोटर इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटोकॉर्प के आशुतोष वर्मा शामिल रहे. सभी विशेषज्ञों ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत के लिए एक महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से तैयार की गई पहल है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए सवाल
क्या से माइलेज कम हो जाता है? अगर हां, तो कितना? क्या इस पर कोई रिसर्च हुई है? क्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से कार का इंजन या उसके पार्ट्स खराब हो जाते हैं? अगर नहीं, तो क्या इसे लागू करने से पहले इसकी जांच और टेस्टिंग की गई थी? कुछ लोग कहते हैं कि E20 पेट्रोल की वजह से फ्यूल टैंक में नमी आ जाती है, जिससे इंजन खराब हो सकता है। क्या यह सही है? आधुनिक कारों के इंजन पर E20 का असली असर क्या होता है?
सवाल के जवाब
इन सब सवाल के जवाब देते हुए मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने कहा कि E10 पेट्रोल के लिए बनी कारों में भी E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से कंपनी को अब तक कोई बड़ी समस्या देखने को नहीं मिली है.उन्होंने बताया कि 2023 में जब E20 पेट्रोल लागू किया गया, उस समय देश में करीब 2.84 करोड़ कारें थीं. इनमें से लगभग 1.83 करोड़ कारें 2023 से पहले बनी थीं. साथ ही, 1.5 करोड़ से ज्यादा कारें काफी पुरानी थीं. इसके बावजूद E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इन वाहनों में कोई बड़ी तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आई.



