
वृंदावन ; वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह से सवाल उठ रहे हैं. इस बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज आश्रम को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. एबीपी न्यूज़ से एक्लूसिव बातचीत उन्होंने दावा किया कि आश्रम में संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर संतों में मतभेद हैं.
फलाहारी महाराज ने कहा कि यमुना खादर की जमीन को लेकर प्रेमानंद महाराज के नाम पर कथित रूप से जमीन का खेल चल रहा है. जब प्रेमानंद महाराज को इन गतिविधियों की जानकारी हुई तो वह इससे काफी आहत हुए और आश्रम छोड़कर करीब 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम चले गए. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। उनका दावा है कि इस पूरे मामले के पीछे कुछ बहुत ताकतवर लोग हैं, जिनसे टकराने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा है.
दिनेश फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि जो लोग इन लोगों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें जान का खतरा हो सकता है. फलाहारी महाराज ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके. इसके साथ ही उन्होंने इस संबंध में सीएम योगी को भी चिट्ठी लिखी है.
सीएम योगी को लिखी चिट्ठी
फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की बात भी कही है. उनका कहना है कि महाराज की सुरक्षा देश और समाज के हित में बेहद जरूरी है. उन्होंने आश्रम के अंदर दो गुट होने का भी दावा किया है. उनके मुताबिक, एक तरफ तपस्या और साधना करने वाले संत हैं, जबकि दूसरे गुट पर उन्होंने जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने के आरोप लगाए हैं.
उन्होंने दावा है कि प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ लोगों से प्रेमानंद महाराज नाराज हैं और इसी वजह से उन्होंने केलि कुंज आश्रम से दूरी बनाई है. उनका यह भी आरोप है कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग आश्रम में छिपे हुए हैं और प्रेमानंद महाराज की छवि का इस्तेमाल कर कई आश्रमों पर कब्जा करने की कोशिश की गई है. प्रेमानंद महाराज के साथ कई तपस्वी संत भी बेलवन आश्रम चले गए हैं.
बच्चों के गायब होने का भी लगाया आरोप
फलाहारी महाराज ने केलि कुंज आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के गायब होने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे आपराधिक गिरोह हो सकते हैं. उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
फलाहारी महाराज का आरोप है कि कुछ कथित भूमाफिया संत प्रेमानंद महाराज की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए इन मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है. उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच हो, ताकि यह यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और वास्तविक स्थिति क्या है.



