ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल से दूर हो चुकी बच्चियों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विकास खंड मिठौरा की ग्राम पंचायत दरहटा में एक विशेष रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था एजुकेट गर्ल्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता का संदेश पूरे गांव तक पहुंचाया गया।

शाम के समय आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान उन बच्चियों की शिक्षा पर विशेष चर्चा की गई जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा पा रही हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। उपस्थित लोगों को बताया गया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज की प्रगति की मजबूत नींव भी है।

चौपाल में बालिका शिक्षा से जुड़े प्रेरणादायक वीडियो और फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिससे शिक्षा के महत्व और उसके सकारात्मक प्रभावों को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सके। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अपने विचार साझा किए और गांव की प्रत्येक बेटी को विद्यालय भेजने के लिए सामूहिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान श्रीमती प्रतिमा ने कहा कि एक शिक्षित बेटी दो परिवारों के विकास और सशक्तिकरण का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

एजुकेट गर्ल्स के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर वेद प्रकाश यादव ने बताया कि रात्रि चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि समुदाय की भागीदारी से ही शिक्षा से वंचित बच्चियों को पुनः विद्यालयों से जोड़ा जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने सामूहिक संकल्प लिया कि गांव की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और इसके लिए सभी मिलकर निरंतर प्रयास करेंगे। यह पहल न केवल बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता को भी मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।