
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने बैडमिंटन की स्टार साइना नेहवाल को स्पेशल पोस्ट लिखा. साइना नेहवाल ने बैडमिंटन से संन्यास का ऐलान किया था. पीवी सिंधु ने भी उन्हें इसके लिए बधाई दी. विराट कोहली हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से फ्री हुए हैं. उन्होंने धमाकेदार अंदाज में इस सीरीज में शतकीय पारी खेली, लेकिन टीम इंडिया को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था.
विराट ने दी बधाई
विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, ‘साइना नेहवाल, आपके शानदार करियर के लिए बधाई. आपने भारतीय बैडमिंटन को दुनिया भर में पहचान दिलाई. आपको एक खुशहाल, संतोषजनक और अच्छे संन्यास की शुभकामनाएं. भारत को आप पर गर्व है.’ पीवी सिंधु ने एक्स पर लिखा, ‘साइना, आपको संन्यास की शुभकामनाएं. इंडियन बैडमिंटन में आपने जो कुछ भी दिया है, उसके लिए धन्यवाद. जिंदगी के इस अगले पड़ाव के लिए आपको शांति, खुशी और ढेर सारी शुभकामनाएं.’
युवराज ने भी दी बधाई
पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी साइना नेहवाल को उनके संन्यास पर बधाई देते हुए लिखा था. उन्होंने लिखा, ‘बहुत बढ़िया खेला, साइना. शानदार करियर के लिए बधाई. आपने भारतीय बैडमिंटन को आगे बढ़ाया और एक पीढ़ी को प्रेरित किया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। आगे जो भी हो, उसके लिए आपको शुभकामनाएं.’ इंजरी की वजह से लंबे समय तक बैडमिंटन से दूर रहने के बाद साइना ने बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है.
नेहवाल संन्यास पर हुईं भावुक
संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, ‘आप दुनिया में बेस्ट बनने के लिए आठ से नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं. अब, मेरे घुटने एक या दो घंटे में ही जवाब दे जाते थे. सूजन आ गई थी, और उसके बाद जोर लगाना बहुत मुश्किल हो गया था. इसलिए मुझे लगा कि बस बहुत हो गया. मैं अब और जोर नहीं लगा सकती. मेरा कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया है. आर्थराइटिस है, और वापसी बेहद मुश्किल है. इसलिए अपने परिवार और कोच से बात करने के बाद मुझे यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा.’
शानदार रहा करियर
साइना ओलंपिक में बैडमिंटन में भारत को पदक दिलाने वाली पहली खिलाड़ी हैं. 2012 में उन्होंने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. हिसार की इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर और बीजिंग 2008 ओलंपिक्स में एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी. 2009 में, उन्होंने इंडोनेशिया ओपन जीतकर बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। एक साल बाद, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन का दर्जा हासिल किया.
2015 में, उन्होंने एकल बैडमिंटन रैंकिंग में दुनिया की नंबर 1 बनकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया, जिससे वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और प्रकाश पादुकोण के बाद शीर्ष पर पहुंचने वाली दूसरी भारतीय शटलर बनीं. उस साल, वह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंचीं, ऐसा करने वाली वह भारत की पहली खिलाड़ी थीं. भारतीय बैडमिंटन को मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाली साइना को पद्मश्री, पद्मभूषण, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है.



