
जम्मू में कभी ट्रांसपोर्टर रहे रंजीत सिंह उर्फ नीटा जिसे पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का सपोर्ट हासिल है. नीटा खुद को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) का चीफ बताता है. शुक्रवार (23 जनवरी) की रात को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में सरहिंद के पास हुए बम विस्फोट की जिम्मेदारी प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने ली है. संगठन की ओर से एक लेटर वायरल किया गया है, जिसमें धमाके की जिम्मेदारी स्वीकार की गई है. वायरल लेटर में आतंकी संगठन ने दावा किया है कि वे चाहें तो पैसेंजर ट्रेन में भी विस्फोट कर सकते थे, लेकिन उनका मकसद किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचाना नहीं था. पत्र में लिखा गया है कि यह धमाका सिर्फ एक ‘ट्रेलर’ था.
इस धमाके से फतेहगढ़ साहिब जिले में खानपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास रेलवे ट्रैक पर एक गड्ढा हो गया और एक सेफ्टी ऑफिसर के साथ-साथ लोको पायलट भी घायल हो गए. सूत्रों ने बताया कि ब्लास्ट की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. ‘इससे हमले में इस्तेमाल हुए विस्फोटकों के बारे में पता चलेगा. ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेने वाले लेटर से पता चलता है कि इसके पीछे KZF का हाथ है जिसकी जांच जारी है.’ सूत्रों ने यह भी बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि इसके पीछे KZF के ऑपरेटिव थे या कोई दूसरा ग्रुप आतंकी संगठन के नाम का इस्तेमाल कर रहा था.
पंजाब में बढ़ी पाकिस्तानी हथियारों और ड्रग्स की तस्करी
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पंजाब में हथियारों और नशीले पदार्थों की सीमा पार तस्करी बढ़ गई ह. एक अन्य सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को नुकसान हुआ था, इसलिए अब वे भारत को नुकसान पहुंचाने के तरीके तेज कर रहे हैं. पंजाब की 553 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से लगती है. हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस ब्लास्ट में इस्तेमाल हुए विस्फोटक भी पाकिस्तान से आए थे या नहीं.’ यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पंजाब पुलिस ने चरमपंथियों और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.
1993 में ISI समर्थित KZF का नीता ने किया था
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जो दूसरे सिख चरमपंथी संगठनों की तरह ही है, एक सिख राज्य – खालिस्तान बनाना चाहती है. KZF का गठन 1993 में नीता ने किया था, जो जम्मू के सिंबल कैंप का रहने वाला था. नीता, जो अब 60 के दशक में है, ने सीमा पार के तस्करों से संपर्क बनाया था और सीमा पार करके पाकिस्तान भागने से पहले जम्मू और कश्मीर के सिख युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में भी सक्रिय रूप से शामिल था. KZF एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है.
SBS नगर की पुलिस चौकी पर किया था ग्रेनेड से हमला
नीता, जो भारत के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत एक नामित व्यक्तिगत आतंकवादी है. नीता पर भारत में कई मामले दर्ज हैं. नीता के खिलाफ प्रमुख आतंकवादी मामलों में 2024 में एक पुलिस चौकी पर हुआ SBS नगर ग्रेनेड हमला मामला शामिल है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में नीता को हमले में मुख्य साजिशकर्ता बताया है. इसके अलावा उस पर पाकिस्तान से UK में हैंडलर्स के साथ बड़ी साजिश को कोऑर्डिनेट करने का भी आरोप है. नीता को KZF मॉड्यूल का मास्टरमाइंड भी बताया गया था, जिसके सदस्यों को दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था. यह मॉड्यूल पंजाब में आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा था.
शिवसेना नेता के घर पर किया था पेट्रोल बम से हमला
नीता का नाम 2019 के चोहला साहिब मामले में भी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में लिया गया है. जहां पाकिस्तान से हथियार और विस्फोटक साथ ही नकली नोट गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था. दिसंबर 2024 में KZF ने शिवसेना नेता हरकीरत सिंह खुराना के घर पर पेट्रोल बम हमले की जिम्मेदारी भी ली थी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नीता ने सिख उग्रवाद के चरम पर ISI के साथ संबंध बनाना शुरू कर दिया था. 90 के दशक में जब वह सुरक्षित ठिकाने के लिए पाकिस्तान चला गया तो माना जाता है कि उसने जम्मू, पंजाब और दिल्ली से चलने वाली बसों और ट्रेनों पर हमला करने के लिए ISI के साथ एक सौदा किया था.
इस आतंकी संगठन पर हैं कई संगीन आरोप
नीता के नेतृत्व में KZF ऑस्ट्रिया के वियना में
डेरा सच खंड बल्लां के नेता संत रामानंद सहित लक्षित हत्याओं में भी शामिल था. इस संगठन ने 2010 में वियना में राधा सोमी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी. इस आतंकी संगठन के सदस्य 2009 में पटियाला में रूलदा सिंह की हत्या से भी जुड़े हुए हैं. माना जाता है कि नीता 2001 में जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस देवेंद्र शर्मा की हत्या में भी शामिल था.
दिल्ली पुलिस ने खत्म किया था नेपाल मॉड्यूल
उसका दूसरा कमांडर अमृतपाल सिंह रोमी 2000 में एक मुठभेड़ में मारा गया था. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एक और साथी ईसाई से सिख बने मनजीत सिंह उर्फ काला उर्फ अकाल उसी साल एक और मुठभेड़ में मारा गया था. पहले माना जाता है कि KZF नेपाल से भी ऑपरेट करता था. दिल्ली पुलिस ने साल 2000 में इसके नेपाल मॉड्यूल को खत्म कर दिया था और तीन मुख्य ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया था. KZF के हिजबुल मुजाहिदीन (HM) से भी संबंध हैं और माना जाता है कि पुंछ में इसका प्रभाव था.





