
बर्फ से ढकी पहाड़ियों में जब ज़िंदगी थम जाती है, तब भी वफादारी ज़िंदा रह सकती है. यह बात इस दर्दनाक घटना ने साबित कर दी. दो युवाओं की मौत के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने लोगों की आंखें नम कर दीं. बर्फ, ठंड और भूख के बीच एक कुत्ता अपने मालिक के शव के पास डटा रहा, जैसे आखिरी पहरा दे रहा हो. यह कहानी सिर्फ हादसे की नहीं, बल्कि उस बेज़ुबान की है जिसने इंसानी रिश्तों से भी गहरी वफादारी दिखा दी. लेकिन जब उसे बचाने की बारी आई, तो जो तरीका सामने आया, उसने सोशल मीडिया पर गुस्से और सवालों की बाढ़ ला दी.
खतरनाक सफर, दर्दनाक अंत
यह हादसा एक ट्रेकिंग और वीडियो शूटिंग के दौरान हुआ, जब घुटनों तक जमी बर्फ और बेहद खराब दृश्यता ने हालात को जानलेवा बना दिया. दो रिश्तेदार अचानक लापता हो गए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. कई दिनों की तलाश के बाद हेलिकॉप्टर से उनके शव बर्फीले इलाके में देखे गए. हालात इतने मुश्किल थे कि पैदल पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं था. लेकिन सबसे दिल तोड़ने वाला नजारा शव के पास बैठा वह कुत्ता था, जो कई दिनों से वहीं रुका हुआ था.
चार दिन तक नहीं छोड़ा साथ
रेस्क्यू टीम जब वहां पहुंची, तो कुत्ता बेहद कमजोर था, लेकिन पूरी तरह सतर्क. बिना खाना, बिना किसी सुरक्षित जगह के, वह चार दिनों तक अपने मालिक के पास जमा रहा. न ठंड की परवाह, न भूख की. मदद पहुंचने के बावजूद वह पीछे हटने को तैयार नहीं था. इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया. सोशल मीडिया पर लोग इस कुत्ते को वफादारी की जीती-जागती मिसाल बताने लगे और उसकी हिम्मत और लगाव की जमकर तारीफ हुई.
रेस्क्यू का वीडियो और लोगों का गुस्सा
हालांकि कहानी ने तब अलग मोड़ ले लिया, जब कुत्ते को बचाने का एक और वीडियो सामने आया. इसमें कुत्ते को एक बोरे में डालकर ले जाया गया था. बाद में वह बाहर निकलकर सामान्य दिखा, लेकिन लोगों को यह तरीका बिल्कुल पसंद नहीं आया. सोशल मीडिया पर नाराज़गी फूट पड़ी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। कई यूज़र्स ने सवाल उठाए कि इतनी वफादारी दिखाने वाले कुत्ते के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया. कुछ ने इसे अमानवीय कहा, तो कुछ ने मांग की कि रेस्क्यू टीमों को जानवरों के रेस्क्यू की भी खास ट्रेनिंग दी जानी चाहिए.
वफादारी की मिसाल और एक जरूरी सबक
यह घटना एक तरफ कुत्तों की निस्वार्थ वफादारी दिखाती है, तो दूसरी तरफ यह भी सिखाती है कि रेस्क्यू के दौरान संवेदनशीलता कितनी जरूरी है. इरादे भले ही सही हों, लेकिन तरीके भी उतने ही मानवीय होने चाहिए. बर्फ में चार दिन तक डटे उस कुत्ते ने जो रिश्ता निभाया, वह लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा. वहीं यह मामला सिस्टम के लिए भी एक सीख है कि जानवरों को बचाते समय उनके डर और हालत को समझना उतना ही जरूरी है, जितना इंसानों को बचाना.
Heartbreaking loyalty in Chamba’s snow: Cousins Viksit (19) & Piyush (13) lost their lives trekking to Bharmani Mata Temple on Jan 23. Piyush’s pitbull guarded his body for 4 days—without food—in freezing cold. Rescuers airlifted the exhausted dog. 🙏🙌
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) January 27, 2026




