आसमान में एक-दो नहीं बल्कि चार चांद… किस देश में नजर आया!


सोशल मीडिया पर हम कभी-कभी ऐसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं जिस पर शायद ही कोई भरोसा कर पाए. अब एक ताजा मामला सामने आया है जिसके बारे में कोई भी सुनकर हैरत में पड़ जाएगा. ये खबर ही ऐसी है कि आप सुनकर दांतों तले अंगुली दबा लेंगे. तो चलिए अब हम आपको बता ही देते हैं कि मामला क्या है? दरअसल सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल होता हुआ दिखाई दिया है जिसमें आसमान में एक दो नहीं बल्कि एक साथ चार-चार चांद दिखाई दे रहे हैं. ये घटना है रूस के सेंट पीटर्सबर्ग की जहां आसमान में एक साथ चार चांद दिखाई दिए हैं.

ये कोई मुंह-जबानी बात नहीं है बल्कि इस घटना का वीडियो भी है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस शानदार ऑप्टिकल इल्यूजन की कई तस्वीरें, जो पृथ्वी के असली उपग्रह के दोनों ओर कई चांद होने का अजीब सा एहसास कराती हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. ये नजारा देखकर रूस के सेंट पीटर्सबर्ग के लोग भी हैरान रह गए.

क्या होता है पैरासेलीन?
पैरासेलीन जिसे आमतौर पर मून डॉग या नकली चंद्रमा भी कहा जाता है, ऊंचे सिरस बादलों में पतले, हेक्सागोनल प्लेट के आकार के बर्फ के क्रिस्टल से छनकर आने वाली चांद की रोशनी से बनता है. यह एक वायुमंडलीय ऑप्टिकल घटना है जिसमें चंद्रमा के किनारों पर चमकीले धब्बे या ‘नकली चंद्रमा’ दिखाई देते हैं, जो सिरस या सिरोस्ट्रेटस बादलों में ऊंचाई पर मौजूद हेक्सागोनल बर्फ के क्रिस्टल से रोशनी के छनने के कारण होता है.

पैरासेलीन पर क्या है नासा की राय?
नासा के अनुसार, ये चंद्रमा से 22 डिग्री या उससे ज़्यादा के कोण पर दिखाई देते हैं. चंद्रमा की चमकदार डिस्क की तुलना में, पैरासेलीन धुंधले होते हैं और जब चंद्रमा नीचे होता है तो इन्हें देखना आसान होता है. स्काईब्रेरी ने बताया, ‘पैरासेलीन क्षितिज से उतनी ही ऊंचाई पर होते हैं जितनी ऊंचाई पर चंद्रमा खुद होता है और इसकी वर्टिकल चौड़ाई बर्फ के क्रिस्टल के हिलने-डुलने पर निर्भर करती है. बड़े क्रिस्टल ऊंचे पैरासेलीन बनाते हैं.’

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