मसालों में ईंट का पाउडर, दूध में केमिकल, आइसक्रीम में डिटर्जेंट; संसद में ‘राघव चड्ढा’ ने खोली खाने में मिलावट की पोल!


Raghav Chadha on Food Adulteration: आज के समय में हम जो चीजें शुद्ध समझकर खा रहे हैं, वो असल में हमारे शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है और हमें बीमारियों का घर बना रहा है. ऐसा हम नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा का कहना है. राज्यसभा में राघव चड्ढा ने देश में बढ़ती खाद्य मिलावट पर गहरी चिंता जताते हुए, इसे देश का ‘सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट’ बताया है. इस बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि ये कैसे हमारी डेली के खाने में जानलेवा केमिकल मिलाए जा रहे हैं, जो असल में बीमारियों का न्योता हो सकता है.

खाने में मिलावट पर संसद में बोले राघव चड्ढा
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बताया कि बाजार में शुद्धता के झूठे लेवल के नीचे जहर बेचा जा रहा है. इतना ही उन्होंने दूध, पनीर और मसालों में हो वाली मिलावट की लंबी लिस्ट पेश की. इस बारे में उन्होंने आगे बताया कि दूध में यूरिया, सब्जियों को जल्दी बढ़ाने के लिए ऑक्सीटोसिन, पनीर में कास्टिक सोडा, मसालों में ईंट का पाउडर और यहां तक की बच्चों के फेवरेट आइसक्रीम में डिटर्जेंट की मिलावट हो रही है. ये चीजें आपके शरीर को धीरे-धीरे खोखला बना रही है.

दूध और मसालों में मिलावट का सच
सांसद ने रिसर्च का हवाला देते हुए राघव चड्ढा ने बताया कि देश में बिकने वाले दूध के नमूनों में से लगभग 71% में यूरिया पाया गया है. इस बारे में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में जितना दूध प्रोडक्शन नहीं हो रहा, उससे बहुत ही ज्यादा दूध बाजार में बेचा जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने उन भारत की कंपनियों का भी जिक्र भी किया, जो कैंसरकारी कीटनाशकों की मौजूदगी के कारण अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में बैन है, लेकिन भारत में धड़ल्ले से बिक रहा है.

हर चौथा फूड सैंपल है मिलावटी
उन्होंने मिलावटी खानों के आंकड़ों को सामने रखा और बताया कि 2014-15 से अब तक टेस्ट किए गए सेम्पल में से हर चौथा नमूना (25%) मिलावटी पाया गया है. ये मिलावट लोगों को बीमारी कर रही है और उन्हें कैंसर, हार्ट फेलियर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बना रही है. वहीं दूसरी तरफ नकली शहद में पीला रंग और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स में स्टेरॉयड का इस्तेमाल भी हेल्थ के लिए बड़ा खतरा बनाया जा रहा है.

बचाव के लिए कदम उठाएं
वहीं राघव चड्ढा ने इस संकट से निपटने के लिए सरकार से बचाव के तीन मुख्य सुझाव की मांग की है. इसके तरह…

FSSAI को मजबूत करना- खाने-पीने वाली चीजों में मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) को मजबूत करने की जरूरत है. इसमें कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और टेस्टिंग लैब में आधुनिक बनाना चाहिए.

कठोर दंड- वहीं दूसरी तरफ मिलावटखोरों को कठोर दंड देने की मांग की. मिलावटखोरों के खिलाफ भारी जुर्माना और सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए.

पब्लिक रिकॉल सिस्टम- अगर कोई प्रोडक्ट में मिलावटी पाया जाता है, तो उसे तुरंत बाजार से हटाकर सार्वजनिक रूप से उसका नाम घोषित करना ताकि जनता जागरूक रहे.

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