
नई दिल्ली: भारत के एविएशन रेगुलेटर की ऑडिट में आधे विमानों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। सबसे बुरा हाल एयर इंडिया का है, जिसके जांचे गए हर चार में से तीन विमानों में बार-बार दिक्कत देखी गई है। इंडिगो का हाल भी ज्यादा बेहतर नहीं है और इसके हर तीसरे विमान में कुछ न कुछ दिक्कतें देखने को मिली हैं। गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से लोकसभा को यह जानकारी दी गई है। हालांकि, हर समस्या विमानों की सुरक्षा से ही जुड़ी नहीं है और कुछ दिक्कतें सामान्य तरह की भी हैं, लेकिन अगर 50% विमानों में दिक्कत हो रही है तो यह हवाई याता के लिए सोचने की बात तो जरूर है।
754 विमानों की जांच में 377 में गड़बड़ी
भारत के एविशन रेगुलेटर की जांच के बाद हवाई यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ गया है। लोकसभा को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एविएशन रेगुलेटर ने जिन 754 विमानों का ऑडिट किया है, उनमें से 377 में बार-बार गड़बड़ी देखने को मिली। रेगुलेटर ने यह जांच जनवरी 2025 से लेकर 3 फरवरी, 2026 के बीच की है। हालांकि, मंत्रालय को सिर्फ इस बात की राहत है कि पहले के वर्षों की तुलना में इन गड़बड़ियों में कमी आई है।
पहले के वर्षों की तुलना में कम हुई दिक्कतें
हालांकि, उड्डयन उद्योग में जो गड़बड़ियां लिस्ट की जाती हैं, वह सिर्फ विमान की सुरक्षा से ही संबंधित नहीं होतीं। इनमें कमियों की बड़ी लिस्ट यात्री केबिन से भी जुड़ी होती हैं। जैसे कि सीटों का टूटा-फूटा होना या फिर फ्लाइट स्क्रीन का काम नहीं करना या खिड़कियों से जुड़ी दिक्कतें। सरकार ने जो डेटा शेयर किया है उसके अनुसार, ‘पिछले तीन वर्षों में तकनीकी दिक्कतों में कमी दर्ज की गई है।’ मसलन, 2023 में यह संख्या 448 थी, जबकि 2025 में मात्र 353 तकनीकी खामियां पाई गई हैं।
सुरक्षा संबंधी गड़बड़ियां बढ़ा देती हैं चिंता
हालांकि, एक ही विमान में उपकरणों में गड़बड़ी या मेंटेनेंस की दिक्कत बार-बार देखने को मिलती है, जो की बड़ी चिंता की वजह है। पहले उसे ठीक किया जाता है, लेकिन फिर से वही दिक्कत उसी विमान में शुरू हो जाती है। चिंता तब हो जाती है, जब यह समस्या विमान की सुरक्षा से संबंधित होती है। सरकार ने संसद को बताया है कि रेगुलेटर ने 2025 में कुल 3,890 विमानों का सर्विलांस इंस्पेक्शन किया, 56 रेगुलेटरी ऑडिट किए, 492 रैंप चेक किए गए और 84 इंस्पेक्शन विदेशी विमानों के भी हुए। सरकार ने बताया कि सभी शेड्यूल एयरलाइंस में से कुल 754 विमानों में से ‘ 377 विमानों की पहचान की गई, जिसमें बार-बार समस्या थी।’
एयर इंडिया, इंडिगो के साथ ज्यादा दिक्कत
अगर विमान में होने वाली बार-बार की दिक्कतों की संख्या के हिसाब से देखें तो इंडिगो पहले नंबर पर है, जिसके 148 विमानों में समस्याएं पाई गईं। इसके बाद एयर इंडिया के 137, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 54, स्पाइसजेट के 16, आकासा एयर के 14 और एयरलाइंस एयर के 8 विमानों में लगातार दिक्कतें नजर आईं।
एयरलाइंस कंपनियों के कितने विमानों की जांच
इस ऑडिट प्रक्रिया में इंडिगो के 405, एयर इंडिया के 166, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101, स्पाइसजेट के 43, आकासा एयर के 32 विमानों को शामिल किया गया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। एयर इंडिया ग्रुप कुल 297 और इंडिगो 440 उड़ानों का संचालन करता है।


