
पंजाब के जालंधर स्थित मॉडल टाउन गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुए सतविंदर पाल सिंह ओबेरॉय उर्फ लकी ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस के हाथ बड़ी लीड लगी है. थाना 6 मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पुलिस ने जोगराज सिंह उर्फ जोगा, दलबीरा और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
इन लोगों पर BNS की धारा 103 (1), 3(5), 61(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच में खुलासा हुआ है कि लकी ओबेरॉय के कत्ल की स्क्रिप्ट पिछले 44 दिनों में लिखी गई. दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी जोगा और लकी कभी जिगरी दोस्त थे. दोनों एक-दूसरे के जन्मदिन पर केक काटते थे और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट लाइक करते थे.
इनके बीच दरार तब आई जब खालसा कॉलेज की प्रधानगी के चुनाव हुए. लकी ने जोगा को नजरअंदाज करते हुए अपनी मर्जी से लव नाम के युवक को प्रधान बना दिया. यह शक्ति प्रदर्शन जोगा को चुभ गया. दुश्मनी इतनी बढ़ी कि 25 दिसंबर 2025 को जोगा ने एक धमकी भरी पोस्ट की. फिर ठीक 44वें दिन लकी को गोलियों से भून दिया गया. हालांकि, हत्या किसने की है इसकी पुष्टि अभी हुई नहीं है. सीसीटीवी कैमरे में दो अज्ञात लोगों के बारे में पुलिस पता लगा रही है, जिन्होंने लकी पर गोलियां बरसाई थीं.
अमेरिका से रची गई साजिश?
अनबन के बाद जोगा ने अपनी गैंग बदल ली और खतरनाक अपराधी सोनू खत्री से हाथ मिला लिया. बताया जा रहा है कि जोगा अवैध तरीके से अमेरिका चला गया था. ऐसा माना जा रहा है कि वहीं से ये पूरी प्लानिंग की गई. लकी की बढ़ती राजनीतिक ताकत भी उसकी मौत का कारण बनी. 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन करने के बाद लकी जालंधर कैंट में काफी सक्रिय हो गए थे और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी, जो विरोधियों को रास नहीं आ रही थी.
गायब नौकर और ‘चिट्टे’ का कनेक्शन
इस हत्याकांड में पुलिस के शक की सुई लकी के एक पुराने नौकर पर भी टिकी है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। वारदात के बाद से ही नौकर गायब है और उसका फोन बंद आ रहा है. पुलिस को सीसीटीवी कैमरों में उसकी संदिग्ध गतिविधि दिखी है. जांच में पता चला है कि लकी ने कुछ समय पहले नौकर को पैसे लेने भेजा था, लेकिन उसने उन पैसों से ‘चिट्टा’ (नशा) खरीद लिया था. इस बात पर लकी ने उसे पीटा और कड़ी चेतावनी दी थी कि आगे से अगर कुछ भी उसने ऐसा किया तो वो उसे नौकरी से निकाल देगा. पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या उस नौकर ने ही हमलावरों को लकी की लोकेशन और पल-पल की जानकारी दी.
डीजीपी का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
जालंधर पहुंचे पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस को इस मामले को ट्रेस करने में बड़ी सफलता मिली है. आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे.
(रिपोर्ट: दविंदर कुमार)




