
पंचकूला: सोने-चांदी की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है. आम लोग ही नहीं, कारोबारी भी बाजार की चाल का सटीक आकलन नहीं लगा पा रहे हैं. क्योंकि सोना और चांदी के दाम में जहां रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली, वहीं रेट अचानक नीचे भी आए. हालांकि दशकों से इस कारोबार से जुड़े सर्राफा कारोबारी और एक्सपर्ट्स लॉन्ग टर्म में भी सोना-चांदी के दाम और अधिक बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं.
दुविधाओं को दूर करने के लिए ईटीवी भारत की टीम ने चंडीगढ़ ज्वैलर एसोसिएशन के चेयरमैन रहे सुभाष कटारिया से सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारणों पर बातचीत की. साथ ही बाजार पर बारीकी से नजर रखने वाले शिव कुमार से भी रेट की अस्थिरता और आगामी समय की संभावनाओं बारे जाना.
“दिवाली तक रेट बढ़ने का अनुमान”: सर्राफा कारोबारी सुभाष कटारिया ने कहा कि “सोना-चांदी का बाजार लंबे समय तक तेजी पकड़े रखेगा. मध्यम वर्ग के लिए मुश्किल जरूर है. लेकिन जो लोग निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए उपयुक्त समय है. दिवाली पर्व तक न केवल सोना, बल्कि चांदी में भी काफी तेजी आने का अनुमान है. हालांकि सोना-चांदी के रेट कुछ समय के लिए कुछ हजार रुपये भले कम हो भी जाएं. लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं रहने वाला”.
सोने-चांदी में निवेश करने का सही मौका
अप्स एंड डाउन की संभावना: उन्होंने बताया कि “जहां चांदी ने ऑल टाइम हाई, करीब चार-सवा चार लाख रुपये और सोना करीब तीस-चालीस हजार का अंतर बनाए हुए है, वहीं यह अस्थिरता लगातार बनी रहने की संभावना है. ऐसा होने के कई वैश्विक कारण भी हैं. अमेरिका और रूस के बीच टकराव, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव समेत अन्य कई बिंदुओं पर बाजार की स्थिरता निर्भर करती है. इसी कारण लोगों का रेट को लेकर सटीक अंदाजा न लगा पाना स्वाभाविक है”.
“निवेश का सुनहरा मौका”: सुभाष कटारिया ने विशेष रूप से निवेशकों के लिए कहा कि “उनके लिए यह बेहतरीन मौका है. बाजार की चाल तेजी पकड़े हुए है, जिसके लंबे समय तक बने रहने का अनुमान है. चांदी की खरीद के लिए 2.50 लाख रुपये का रेट फायदा देने वाला है. यदि चांदी करीब तीस हजार रुपये तक नीचे आती है तो भी दिवाली तक चांदी के कई लाख अधिक बढ़ने का अनुमान है. हालांकि, मध्यम वर्ग के आमजन के लिए चिंता का विषय जरूर है. रेट अधिक होने के कारण आम लोगों ने 24 व 22 कैरेट गोल्ड और शुद्ध चांदी से दूरी बनाई है. हालांकि जरूरतमंद लोग विवशता के चलते गहने तैयार करवा तो रहे हैं, लेकिन कम कैरेट के गहने तैयार करवा रहे हैं”.
ऐसे दिखी सोना-चांदी में गिरावट: बता दें कि सोना-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली. यदि एमसीएक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में सोना की कीमत गिरकर 1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. जबकि चांदी 14 हजार रुपये सस्ती हुई. इसकी कीमत 2.33 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं, बीते गुरुवार को चांदी 30,300 रुपये सस्ती होकर 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची. तो सोना 4500 रुपये टूटकर 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था.
“वर्चुअल खरीदारी पर शिफ्ट हो रहे खरीदार”: सोना-चांदी के बाजार पर बारीक नजर रखने वाले एक्सपर्ट शिव कुमार ने बताया कि “आम लोगों के लिए फिलहाल सोना-चांदी की खरीद मुश्किल हो गई है. बाजार की अस्थिरता से ऐसी बेचैनी बनी है कि छोटे कारोबारियों तक की नींद उड़ी हुई है. आम लोगों के ऑर्डर न के बराबर हैं, फिजिकल मोड के नजरिए से बाजार की चाल सुस्त पड़ी है”.
“चांदी की वर्चुअल खरीद”: शिव कुमार ने कहा कि “बाजार के जानकार भले ही फिजिकल मोड से सोना-चांदी की खरीद से दूर हो गए हों, लेकिन चांदी की वर्चुअल खरीद पर शिफ्ट हो गए हैं. कम निवेश के साथ वर्चुअल खरीदारी करनी शुरू कर चुके हैं. हालांकि, यहां भी चिंता की बात यह है कि वर्चुअल खरीदारी में निवेशकों के लिए अधिक जोखिम बना रहता है. सोना-चांदी के रेटों में अस्थिरता और आगामी समय में भी रेट बढ़ने के अनुमान के चलते अब अन्य मैटल की खरीदारी तेजी पकड़ेगी. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। डॉलर की कीमत का भी बाजार पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ेगा”.




