
Who Funds Terrorism in Pakistan: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए फिदायीन हमले के बाद वहां की रजनीति में भूचाल आ गया है. इस हमले में 36 लोग मारे गए जबकि 160 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. इस तरह का हमला किसी भी देश की आंतरिक सुरक्षा की बड़ी चूक माना जाएगा लेकिन पाकिस्तान ने यहां भी ठींकरा भारत के सिर फोड़ दिया. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारत, पाकिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठनों की मदद कर रहा है. हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया.
हालांकि भारत ने ऐसे किसी हमले में हाथ होने से न सिर्फ इनकार किया है, बल्कि भारत के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराने के बजाय उन्हें गंभीरता से सुलझाए.
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी बिना सबूत के दावा किया था कि इस हमले में भारत और अफगानिस्तान का हाथ है. नेताओं की ये चालबाजी अब पाकिस्तान की अवाम को भी समझ आ रही है और वहां के कई शिया धार्मिक नेताओं ने इस पर आवाज भी उठाई है.
पाकिस्तान पर हमला किया किसने?
ISIS से जुड़े हुए आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान ने पाकिस्तान में हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है. संगठन ने अपने बयान में कहा कि जब सुरक्षा गार्ड ने हमलावर को रोकने की कोशिश की तो उसने गोली चलाई और फिर मस्जिद के अंदर जाकर विस्फोट कर दिया. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी कहा कि इस हमले में आईएसआईएस और तालिबान जैसे नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन इन संगठनों को कहीं से पैसा और निर्देश मिलते हैं. उन्होंने भी बिना किसी सबूत के इशारों-इशारों में भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका वित्तपोषण भारत से हो रहा है. मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक बार फिर अफगानिस्तान को घेरे में लेते हुए कहा गया कि फिदायीन हमलावर लगातार वहां आता-जाता रहता था.
शिया धार्मिक गुरु ने कहा -‘तुमने फैलाई दहशतगर्दी’
इस्लामाबाद हमले के बाद शिया नेता अल्लामा सैयद अहमद इकबाल रिजवी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों ने आतंकवादियों और इस्लामिक स्टेट जैसे तकफीरी संगठनों को प्रशिक्षण दिया. उन्होंने कहा कि देश में शिया समुदाय का बड़े पैमाने पर कत्लेआम किया जा रहा है और अब हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है. रिजवी ने सवाल उठाया कि आखिर इस सब पर सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों की अंतरात्मा कैसे चुप रह सकती है.
जो बोया, वही काट रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से आतंकी हमले हुए हैं, उसे लेकर पाकिस्तान कभी भारत तो कभी अफगानिस्तान पर आरोप मढ़ता रहा है. दोनों ही देश पाकिस्तान को यही नसीहत दे रहे हैं कि वो पहले आतंकियों को अपनी जमीन पर पालना बंद करे, फिर अपने आप वहां इस तरह के हमले बंद होंगे. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की जमीन पर न सिर्फ स्थानीय बल्कि बाहरी आतंकवादी संगठन भी अपनी गतिविधियां चला रहे हैं. ऐसे में वो अपने कर्मों को भुगत रहा है.





