
Obesity in Kids: बदलती जीवनशैली और गलत खानपान का असर अब बच्चों और युवाओं की सेहत पर तेजी से दिखने लगा है. मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स में घंटों समय बिताने वाले बच्चों के शरीर में ऐसे बदलाव नजर आने लगे हैं जो कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं. गर्दन पर मोटी और काली सिलवटें दिखाई देना कोई साधारण गंदगी या त्वचा रोग नहीं है. इसे मेडिकल भाषा में एकैन्थोसिस नाइग्रिकेंस कहा जाता है और यह शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ने का संकेत देती है. यह स्थिति डायबटीज के शुरुआती लक्षणों में से एक है. यह काला पन साबुन या क्लींजर से साफ नहीं होता और इसे नजरअंदाज करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.
60 बच्चों पर स्टडी में मिले लक्षण | Obesity in Kids
हाल ही में 60 बच्चों पर एक अध्ययन किया गया, जिसमें 4 बच्चों की गर्दन मोटी और काली पाई गई. हैरानी की बात यह है कि इन 4 में से 2 बच्चों को डायबटीज भी थी. ये बच्चे ज्यादातर समय घर में मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर ही बिताते थे और आउटडोर खेल या एक्सरसाइज नहीं करते थे. इससे उनकी शारीरिक गतिविधि कम हुई और मोटापा बढ़ा, जो धीरे-धीरे डायबटीज जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है.
गर्दन का काला पन क्यों होता है | Obesity in Kids
गर्दन पर काले निशान और मोटी सिलवटें तब बनती हैं जब शरीर में इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता. शरीर अधिक इंसुलिन बनाने लगता है और त्वचा पर काला पन दिखाई देता है. यह कोई त्वचा रोग नहीं बल्कि डायबटीज का शुरुआती संकेत है. इस लक्षण को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर ले जा सकता है.
एक्सपर्ट से जानिए बचाव के उपाय | Obesity in Kids
इस स्थिति से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है कि बच्चे और युवा नियमित रूप से आउटडोर खेलों में भाग लें. बच्चों को साइकल चलाने, दौड़ने, तैराकी और मैदान में खेलों में शामिल होना चाहिए. यह गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखती हैं और मोटापे व डायबटीज के खतरे को कम करती हैं. उन्होंने कहा कि आज के समय बच्चे घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम होती है और मोटापा बढ़ता है, जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है.
माता-पिता के लिए सुझाव | Obesity in Kids
अगर बच्चों की गर्दन पर काले निशान या मोटी सिलवटें दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बच्चों को रोजाना कम से कम एक घंटे आउटडोर खेलने के लिए प्रेरित करें. घर में जंक फूड और मीठे पेय सीमित करें और नियमित रूटीन के साथ एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं. सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और डायबटीज के जोखिम को कम किया जा सकता है.




