
आजकल कब्ज़ की समस्या बहुत आम हो गई है। कई लोग महीनों या सालों तक इस समस्या से परेशान रहते हैं। शुरुआत में लोग घरेलू उपाय या दवाइयाँ लेते हैं, जिससे कुछ दिनों तक राहत मिलती है, लेकिन फिर समस्या वापस आ जाती है।
असल में कब्ज़ सिर्फ पेट साफ न होने की समस्या नहीं है। यह आंतों की मूवमेंट, पानी की कमी, खराब खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
अगर कब्ज़ लंबे समय तक बनी रहती है, तो शरीर में भारीपन, गैस, पेट दर्द और सुस्ती जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए सिर्फ तुरंत राहत नहीं, बल्कि लंबे समय का समाधान जरूरी होता है। नीचे एक ऐसा ओवरनाइट घरेलू तरीका बताया गया है, जो कई लोगों में अगले दिन पेट साफ करने में मदद कर सकता है।
ओवरनाइट घरेलू नुस्खा जो अगले सुबह असर दिखा सकता है
इस नुस्खे को बनाने के लिए एक गिलास हल्का गर्म दूध लें। अगर दूध सूट नहीं करता, तो गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ एक चम्मच इसबगोल की भूसी और एक चुटकी सेंधा नमक लें। दूध या पानी को हल्का गर्म करें, फिर उसमें इसबगोल और सेंधा नमक मिलाकर तुरंत पी लें। इसके बाद ऊपर से एक घूंट हल्का गर्म पानी भी पी सकते हैं।
इस ड्रिंक को पीने का सही समय रात में खाना खाने के 1 से 1.5 घंटे बाद और सोने से करीब 30 से 45 मिनट पहले माना जाता है। इस मिश्रण को बनाकर देर तक नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसबगोल जल्दी गाढ़ा हो जाता है। इसबगोल आंतों में पानी खींचकर स्टूल को नरम बनाता है। सेंधा नमक आंतों में पानी बढ़ाने में मदद करता है और हल्का गर्म दूध पेट की मूवमेंट को सपोर्ट करता है।
किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
अगर दूध हजम नहीं होता, तो यह नुस्खा पानी के साथ लेना बेहतर है। इसे लगातार कई दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही लेना सही रहता है। अगर तेज पेट दर्द, खून आना, उल्टी या हाल की सर्जरी जैसी समस्या है, तो इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कब्ज़ को दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी आदतें
सुबह उठते ही 2 गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को एक्टिव करने में मदद करता है। रोज एक ही समय पर टॉयलेट जाने की आदत डालना भी बहुत जरूरी होता है। यह आदत धीरे-धीरे बॉवेल मूवमेंट को नियमित बनाने में मदद करती है।
फाइबर और पानी का सही संतुलन जरूरी है
रोजाना करीब 25 से 30 ग्राम फाइबर लेना फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ दिन में 2 से 3 लीटर पानी पीना भी जरूरी होता है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। फाइबर के अच्छे स्रोतों में पपीता, अमरूद, सेब, नाशपाती, पालक, लौकी, ओट्स और दालें शामिल हैं।
रोजाना मूवमेंट और वॉक जरूरी है
कम से कम 30 मिनट रोज चलना पेट की मूवमेंट को बेहतर करता है। लंबे समय तक एक जगह बैठना कब्ज़ को बढ़ा सकता है। खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने से डाइजेशन बेहतर होता है।
टॉयलेट के समय सही आदतें जरूरी हैं
टॉयलेट में मोबाइल या फोन इस्तेमाल करने से ध्यान बंटता है और पेट सही से साफ नहीं हो पाता। टॉयलेट में बैठते समय ज्यादा जोर लगाने से बचना चाहिए और शरीर को रिलैक्स रखना चाहिए।
किन चीजों को कम करना जरूरी है
मैदा, बेकरी आइटम, ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा चाय-कॉफी और मीठा कब्ज़ बढ़ा सकते हैं। इन चीजों को सीमित करना जरूरी होता है।
लाइफस्टाइल और मानसिक स्थिति भी असर डालती है
नींद पूरी लेना और तनाव कम करना डाइजेशन के लिए बहुत जरूरी है। रोज कुछ समय डीप ब्रीदिंग या योग करना फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष: कब्ज़ का स्थायी समाधान सिर्फ दवा लेने में नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल सुधारने और आंतों को मजबूत बनाने में छुपा होता है। अगर सही आदतें नियमित रूप से अपनाई जाएं, तो कब्ज़ की समस्या धीरे-धीरे कम हो सकती है।




