एयर इंडिया हादसा AI-171 पर सनसनीखेज दावा, फ्यूल स्विच जानबूझकर बंद किए गए?!


AI171 Crash: एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे को लेकर इटली के मशहूर अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने बड़ा दावा किया है. अखबार के मुताबिक, भारतीय जांच एजेंसियां अपनी आखिरी रिपोर्ट में यह बता सकती हैं कि यह हादसा तब हुआ, जब कॉकपिट में मौजूद एक पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे.

वेस्ट एविएशन एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि जांच में अब तक किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं मिली है. रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से यह भी पता चला है कि किस पायलट ने फ्यूल स्विच बंद किए थे. एयर इंडिया की यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी. इस विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे.

उड़ान भरते ही गिरा विमान

यह हादसा पिछले साल 12 जून को हुआ था, जब विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद गिर गया. इस हादसे में कुल 241 यात्री और क्रू मेंबर मारे गए थे, जबकि 19 लोगों की मौत उस वक्त हुई जब विमान एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया. विमान में सवार 53 लोग ब्रिटिश नागरिक थे. इस हादसे में सिर्फ एक यात्री जिंदा बच पाया, जिसका नाम विश्वास कुमार रमेश है.

‘कैप्टन पर जा सकती है जिम्मेदारी’

कोरिएरे डेला सेरा ने मंगलवार (10 फरवरी) को अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी सूत्रों के हवाले से लिखा कि इस हादसे की जिम्मेदारी कैप्टन सुमीत सभरवाल पर डाली जा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पता चला कि सबसे पहले बाएं इंजन को बंद किया गया था. चूंकि विमान में कैप्टन हमेशा बाईं सीट पर बैठते हैं, इसलिए शक उन्हीं पर जाता है. इसके बाद दायां इंजन भी बंद हो गया. अखबार ने यह भी लिखा कि जब हादसा हुआ, उस वक्त को-पायलट क्लाइव कुंदर का कंट्रोल स्टिक विमान को ऊपर उठाने की कोशिश की स्थिति में था, जबकि कैप्टन का कंट्रोल स्टिक स्थिर था.

ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग में क्या मिला?

रिपोर्ट के अनुसार, विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स से भी शक कैप्टन सुमीत सभरवाल की ओर जाता है. ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है, ‘तुमने इंजन क्यों बंद कर दिए?’ इसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है, ‘ये मैंने नहीं किया.’ इटली के अखबार से बात करने वाले सूत्रों का कहना है कि हादसे की अंतिम रिपोर्ट में मामला थोड़ा नरम शब्दों में लिखा जा सकता है, ताकि भारत में कोई बड़ा विवाद न खड़ा हो.

एक सूत्र ने कहा, ‘अब यह मान लिया गया है कि अगर किसी एक पायलट को जिम्मेदार बताया जाता है, तो उसे एक जरूरी कुर्बानी की तरह देखा जा रहा है.’ हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि रिपोर्ट का मकसद किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि एविएशन सेक्टर को बेहतर बनाना और हादसों की संख्या कम करना होगा.

पायलटों की सेहत और मानसिक हालत पर भी होगा ज़िक्र

अखबार के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट में पायलटों की शारीरिक और मानसिक सेहत से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र हो सकता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का फैसला भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली बातचीत के बाद लिया जाएगा.

कौन कर रहा है जांच?

इस हादसे की जांच भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रही है. इस जांच में अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग और इंजन बनाने वाली कंपनी GE एयरोस्पेस भी शामिल हैं.

साथ ही यह भी कहा गया है कि पश्चिमी देशों की ओर से भारतीय एयरलाइंस की सुरक्षा रेटिंग पर फिर से विचार करने की बात उठ सकती है, जिससे भारत की छवि पर असर पड़ने का खतरा बताया जा रहा है, खासकर तब जब देश एयर ट्रैवल, टूरिज्म और ट्रेड में लगातार निवेश कर रहा है.

 

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