Holika Dahan 2026: इस साल कब है होलिका दहन, जानें सही तारीख, मुहूर्त और इससे जुड़ी खास मान्यताएं!

Holika Dahan 2026: इस साल कब है होलिका दहन, जानें सही तारीख, मुहूर्त और इससे जुड़ी खास मान्यताएं!

Holoka Dahan 2026 Date: शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन या छोटी होली मनाने का विधान है. इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर देखा जाता है. इस संबंध में पुराणों में एक कथा आती है. इस कथा के अनुसार, प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था, लेकिन उसके पिता हिरण्यकश्यपु ऐसा नहीं चाहते थे. इसलिए उन्होंने अपने ही पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिए साजिश रची. उसने कई बार प्रह्लाद को कष्ट देना चाहा लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से ऐसा नहीं हो सका.आखिरकार भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद की जीत हुई. कहते हैं कि हिरण्यकश्यपु ने जिस दिन प्रह्लाद को मारना चाहा, इस दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि थी. इसलिए फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को हर साल होलिका दहन मनाया जाता है. ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल होलिका दहन यानी छोटी होली से लिए सही तारीख और मुहूर्त क्या है और इससे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं क्या हैं.

2026 में कब है होलिका दहन

होलिका दहन को लोग छोटी होली के रूप में भी मनाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, होलिका दहन हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 3 मार्च को शाम 5 बजकर 07 मिनट पर होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल होलिका दहन 2 मार्च को मनाई जाएगी.

होलिका दहन पर भद्रा की स्थिति

पंचांग के अनुसार, भद्रा पुंछ 3 मार्च 2026 को तड़के 1 बजकर 25 मिनट से लेकर 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. जबकि, भद्रा मुख 3 मार्च को तड़के 2 बजकर 35 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. शास्त्रों में कहा गया है कि भद्रा के दौरान होलिका दहन नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान होलिका दहन करने से अनिष्ट हो सकता है. इसलिए होलिका दहन पर भद्रा काल का खास ख्याल रखना चाहिए.

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

शास्त्रों के अनुसार, शुभ मुहूर्त में किए गए काम का परिणाम भी शुभ ही होता है. इसलिए होलिका दहन शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए. पंचांग के मुताबिक, साल 2026 में होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त 2 मार्च को शाम 6 बजकर 51 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में होलिका दहन करने से शुभ फल फल प्राप्त होगा.

होलिका दहन 2025 पूजन सामग्री

रोली और अक्षत (बिना टूटे चावल), फूल, धूप, गंध (चंदन) और ताजे फूल या माला, गुड़, बताशे और चीनी से बने खिलौने, नारियल और ऋतु के अनुसार पांच प्रकार के फल, और सूत का कच्चा धागा इत्यादि. होलिका दहन में इन पूजन सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में इन पूजन सामग्रियों की व्यवस्था पहले से करके रखें.

होलिका दहन 2026 पूजा विधि

होलिका दहन के दिन सबसे पहले तैयार की गई पूजा की थाली को होलिका दहन स्थल पर ले जाएं और वहां श्रद्धापूर्वक रखें. इसके बाद होलिका की परिक्रमा करते हुए उसके चारों ओर 7 या 11 बार कच्चा सूत लपेटें. यह धागा सुरक्षा और संकल्प का प्रतीक माना जाता है. इसके साथ ही होलिका दहन के समय सभी पूजन सामग्रियों को एक-एक करके अग्नि में आहुति दें. अंत में जल से अग्नि को अर्घ्य देकर सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है. शास्त्रों के अनुसार, होलिका की अग्नि में पंच फल और मिष्ठान अर्पित करने का विधान है.

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