यूपी के बागपत में महिला अपने जेठ के बेटे पर फिदा हो गई। दोनों का प्यार परवान चढ़ा तो साथ रहने की ठानी। इसकी खबर जब महिला के पति को लगी तो भतीजे और अपनी बीवी को लेकर वह थाने पहुंचा। पुलिस के सामने यहां दोनों ने साथ रहने ही बात कही।

यूपी में सास और बहनोई के प्रेम-प्रसंग में बाद अब चाची और भतीजे के प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया है। वैलेंटाइन-डे पर सगी चाची और भतीजे के बीच चल रहा प्रेम प्रसंग को अपनी मंजिल मिल गई। गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दोघट थाने पर पत्नी को भतीजे को सौंपते हुए चाचा ने एक-दूसरे से वरमाला डलवाई और उसके बाद दोनों को गांव से रवाना कर दिया। लोगों के अनुसार महिला के दोनों बच्चे पिता के ही पास रह गए हैं। पति का कहना है कि अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए उसने यह फैसला लिया है।
दोघट थाना क्षेत्र के टीकरी कस्बा निवासी महिला पूजा का अपने ही सगे जेठ के बेटे संजीव के साथ करीब पांच वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। बताया गया कि दोनों के बीच चल इस प्रेम प्रसंग को गणमान्य लोगों ने डांट-फटकार और समझा-बुझाकर विराम देने का प्रयास भी किया, लेकिन दोनों ने किसी की एक न सुनी। महिला की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व हुई थी, उसके दो बच्चे भी हैं। बड़ा बेटा पांच वर्ष, छोटा बेटा तीन वर्ष का है।
चाचा के सामने भतीजे ने चाची को पहनाई वरमाला
प्रेम प्रसंग के इसी विवाद को लेकर शुक्रवार शाम महिला, उसका पति व भतीजा और उसका पिता गांव के कई जिम्मेदार लोगों को साथ लेकर दोघट थाने पहुंचे। पुलिस को बताया कि वे दोनों अपनी मर्जी से परिवार एवं कस्बे से दूर जा रहे हैं कहीं बाहर ही मजदूरी करके साथ रहेंगे। पति के सामने ही महिला ने प्रेमी यानि जेठ के बेटे के गले में माला डाल दी। उधर भतीजे ने भी महिला के गले में माला डाल दी। परिवार के लोगों व थाने में दोनों ने इस संबंध में लिखकर भी दे दिया गया कि दोनों अपनी मर्जी से जा रहे हैं। जबकि महिला के मायके वालो ने इस मौके पर आने से मना कर दिया। कह दिया कि उनका बेटी से अब उनका कोई संबंध नहीं रहा है। इस संबंध में थाना प्रभारी दोघट सूर्यदीप सिंह का कहना है कि इस तरह के किसी मामले की कोई लिखित शिकायत थाने नहीं आई है। जानकारी मिली है कि थाने के बाहर ही चाची-भतीजे ने एक दूसरे के गले में माला डाली है। इससे अधिक जानकारी नहीं है।
बच्चों और अपनी जान बचाने को करानी पड़ी शादी
पत्नी को भतीजे को सौंपने के बाद पति पंकज का कहना था कि अब डर लगने लगा था। पांच साल से हर दूसरे-तीसरे महीने इनकी हरकतों को लेकर घर में हंगामा होता रहता था। गांव के लोगों ने दोनों को खूब समझाया, पर इन्होंने किसी की एक नहीं सुनी। एक बार तो मुझे जहर देने का भी प्रयास किया गया था। पत्नी बच्चों या मुझे मार देती, उसका कुछ भरोसा नहीं रहा था। अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिये यह फैसला लेना पड़ा।



